मेधावी छात्रों को मिलेगा मेरिट सर्टिफिकेट
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए बीते कुछ वर्षों से कोई मेरिट सूची जारी नहीं की जा रही है। इसके अलावा छात्रों को अब प्रथम, द्वितीय या तृतीय श्रेणी (डिवीजन) में भी विभाजित नहीं किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य केवल मूल्यांकन करना है न कि रैंकिंग आधारित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना। इसी कारण मेरिट लिस्ट और डिवीजन सिस्टम को समाप्त किया गया है। हालांकि, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सीबीएसई ने एक विशेष व्यवस्था बनाई है। प्रत्येक विषय में शीर्ष 0.1 प्रतिशत (टाॅप 0.1 फीसदी) छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता का मान होगा। यह मेरिट सर्टिफिकेट पूरी तरह डिजिटल होगा और छात्रों के डिजी-लाॅकर खाते में उपलब्ध कराया जाएगा। छात्र इसे आवश्यकता अनुसार डाउनलोड और उपयोग कर सकेंगे।