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CBSE 10th Result 2020: दून रीजन के टॉपर ऋषित ने मोबाइल से दूर रहकर पाया मुकाम, पढ़ें ऐसे ही होनहारों की सफलता की कहानी

Wed, 15 Jul 2020 10:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ रुद्रपुर
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ऋषित अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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सीबीएसई दसवीं में 498 (98.6 प्रतिशत) अंक लाकर देहरादून रीजन टॉप करने वाले रुद्रपुर सिविल लाइन निवासी ऋषित अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने मोबाइल से दूर रहकर सफलता हासिल की है। ऋषित  इंजीनियर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय डॉक्टर माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। ऋषित का मानना है कि कोई लक्ष्य कठिन नहीं होता लेकिन सपने हमेशा सकारात्मक होने चाहिए।

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रुद्रपुर सिविल लाइन निवासी ऋषित भारतीयन इंटरनेशनल स्कूल रुद्रपुर के छात्र हैं। उसके पिता डॉ. अतुल अग्रवाल का निजी अस्पताल हैं। पिता बाल रोग विशेषज्ञ और मां स्वाति अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। परिवार के इकलौते बेटे के दून रीजन में टॉप करने से परिजन बेहद खुश हैं। ऋषित अग्रवाल ने बातचीत में कहा कि उसे 90 प्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्रदेश टॉप करने के बारे में उसने सोचा भी नहीं था।


उसका कहना है कि उन्होंने प्रतिदिन पांच से छह घंटे की पढ़ाई की थी। इसके अलावा, बैटमिंटन खेलने के लिए एक घंटे का समय रोजाना निकालता था। पढ़ाई को महत्व देते हुए ऋषित ने मोबाइल का प्रयोग नहीं किया। लॉकडाउन के दौरान पठन-पाठन की आवश्यक जानकारी उसने अपनी मां के मोबाइल के जरिये शिक्षकों से ली थी। वर्तमान में वह कोटा से ऑनलाइन आईआईटी की भी पढ़ाई कर रहा है। ऋषित को पढ़ने की लगन ऐसी है कि उन्होंने दून रीजन में टॉप किए जाने की खबर मिलने के बाद भी बुधवार को शाम चार बजे से रात आठ बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई की। इसके बाद परिवार के साथ खुशियां मनाईं।

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मन में डर रखे बिना हर विषय को पूरा समय दिया हर्षी ने

काशीपुर में अलीगंज रोड स्थित पैराडाइज कॉलोनी निवासी और द गुरुकुल फाउंडेशन स्कूल काशीपुर की छात्रा हर्षी सिंह ने सीबीएसई हाईस्कूल की परीक्षा में 497 (99.6 प्रतिशत) अंकों के साथ उत्तराखंड में दूसरा स्थान हासिल किया है। हर्षी बताती हैं कि वह रोजाना 8-10 घंटे घर पर पढ़ाई करतीं थीं। अगले दिन पढ़ने का पाठ्यक्रम पहले ही तैयार कर लेतीं थीं। मन में डर रखे बिना प्रत्येक विषय को पूरा समय दिया।

बचपन से कोई उन्होंने बिना ट्यूशन के ही पढ़ाई की। गणित और विज्ञान विषय में पिता और हिंदी विषय में माता ने सहयोग किया है। हर्षी कहती हैं कि वह न्याय विभाग में जाना चाहती हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं एनसीईआरटी की पुस्तकों से तनाव रहित होकर तैयारी करते रहें। मन में विश्वास रखकर पढ़ाई करें, सफलता अवश्य मिलेगी। पिता डॉ. महिपाल सिंह, माता शिवानी, भाई काव्यांश सिंह ने मिठाई खिलाकर हर्षी को बधाई दी।

शेड्यूल तय नहीं किया, पर रोजाना पांच घंटे पढ़ा : प्रिया 
रुद्रपुर में सीबीएसई दसवीं में प्रदेश में 496 (99.2 प्रतिशत) अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल करने वाली जवाहर नवोदय विद्यालय रुद्रपुर की छात्रा प्रिया सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय पिता सुधीर कुमार सिंह, माता पूजा सिंह और गुरुजनों को दिया है। प्रिया ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई को लेकर कोई शेड्यूल तय नहीं किया था लेकिन रोजाना पांच घंटे पढ़ाई जरूर करती थीं। परीक्षा की तैयारी के दौरान वह रात 10 बजे तक पढ़ाई करती थीं। प्रिया का सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। वह कहती हैं कि आईएएस अधिकारी बनकर वह देश सेवा करना चाहती हैं।

बड़ी बहन ने दिखाई राह तो शिवांग ने पा ली सफलता

रुद्रपुर में सीबीएसई दसवीं में प्रदेश में 496 (99.2 प्रतिशत) अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल करने वाले जेसीज पब्लिक स्कूल रुद्रपुर के छात्र शिवांग सक्सेना ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के साथ ही बड़ी बहन सोनाक्षी सक्सेना को दिया है। शिवांग ने बताया कि बड़ी बहन सोनाक्षी ने उसे सफलता की राह दिखाई तो उसने मुकाम छू लिया।

उनकी बहन वर्तमान में पंतनगर विवि में वेटरनरी की थर्ड ईयर की छात्रा है। शिवांग के पिता डॉ. रवि सक्सेना पंतनगर विवि में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। छात्र ने बताया कि इस सफलता ने लिए उसने आठ से नौ घंटे पढ़ाई की। वह एमबीबीएस कर डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। 

सेल्फ स्टडी से आर्यन ने कर दिया टॉप
आर्यमान विक्रम बिड़ला स्कूल के आर्यन भट्ट ने 497 (99.4 प्रतिशत) अंक पाकर प्रदेश में दूसरा स्थान और नैनीताल जिले में पहला स्थान हासिल किया है। आर्यन डॉक्टर बनना चाहते हैं। छड़ायल निवासी आर्यन भट्ट के पिता राजेश भट्ट एलआईसी में एजेंट हैं और माता कमलेश भट्ट गृहिणी हैं। आर्यन का कहना है कि उन्होंने कभी ट्यूशन नहीं ली बल्कि सेल्फ स्टडी करके ही यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी बड़ी बहन लिपाक्षी भट्ट एमईईटी नोएडा से पढ़ाई कर रही हैं।

सक्सेस मंत्र
स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था उसका रिवीजन जरूरी है। लक्ष्य निर्धारित करके तैयारी करने से सफलता अवश्य मिलती है। स्टडी करने के घंटे तय नहीं किए। परीक्षाएं शुरू होने से तीन महीने पहले सिलेबस कवर कर लिया था।

स्कोर बोर्ड
हिंदी - 100
अंग्रेजी - 100
एसएसटी - 100
साइंस     - 99
मैथ्स      - 98 

डॉक्टर बनना चाहती हैं आरुषि

खटीमा में सीबीएसई की हाईस्कूल की परीक्षा में 496 (99.2 प्रतिशत) अंक लाकर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली आरुषि बत्रा के परिवार में खुशी का माहौल है। आरुषि इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों एवं अध्यापकों को देती हैं। आरुषि की मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा है। उसकी सफलता पर उसके दादा वरिष्ठ व्यवसायी किशन लाल बत्रा, दादी चंद्रकांता बत्रा, माता शोभा बत्रा, पिता हेमंत बत्रा, जितेंद्र बत्रा, डॉ. मनोज बत्रा, आरती बत्रा, डॉ. सारिका बत्रा ने बधाई दी है। 

काव्या बनना चाहती है आईएएस अफसर
हल्द्वानी में निर्मला कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की काव्या उपाध्याय ने 496 (99.2) प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। काव्या  इंटरमीडिएट करने के बाद सिविल सर्विसेज की परीक्षा क्वालीफाई कर आईएएस अफसर बनना चाहती हैं।

शीशमहल निवासी काव्या के पिता संतोष उपाध्याय जलसंस्थान नैनीताल में अधिशासी अभियंता हैं। माता कविता उपाध्याय गृहिणी हैं। काव्या का कहना है कि इस सफलता को हासिल करने में माता पिता के अलावा दादा पितांबर दत्त उपाध्याय, नानी हेमलता उपाध्याय और गुरुजनों का श्रेय है, उन्होंने एग्जाम में सफलता पाने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया।

सफलता के मूल मंत्र
सेल्फ स्टडी पर ध्यान केंद्रित कर तैयारी की और एग्जाम में कामयाबी पाई। काव्या का कहना है कि स्कूल के अलावा घर में अवश्य रिवीजन करना चाहिए, इसी को उन्होंने मूल मंत्र बनाया। वह रोजाना आठ से नौ घंटे स्टडी करती हैं। 

स्कोर बोर्ड
हिंदी  - 100
मैथ्स स्टैंडर्ड - 100
अंग्रेजी      - 98
एसएसटी -  99
साइंस    - 99

रितिका ने टाइम टेबल बनाया और पाया मुकाम

आर्यमान विक्रम बिडला स्कूल की रितिका पालीवाल ने सीबीएसई की 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में 99.4 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान और नैनीताल जिले में पहला स्थान पाया है। रितिका डॉक्टर बनना चाहती हैं।  मुखानी निवासी रितिका के पिता विपिन चंद्र पालीवाल जयपुर में एक निजी कंपनी में डीजीएम हैं। माता सुमन पालीवाल राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जलालगांव में शिक्षिका हैं।

रितिका का कहना है कि वह इंटरमीडिएट करने के साथ-साथ नीट की भी तैयारी करेंगी। उनका लक्ष्य डाक्टर बनकर हल्द्वानी का नाम रोशन करना है। रितिका मानती हैं कि जो पढ़ाई क्लास में फेस टूट फेस से होती है वह ऑनलाइन क्लास में नहीं हो पाती। क्लास में अन्य साथियों के पढ़ाई करना अच्छा लगता है। कुकिंग करना और ट्रेवलिंग करना पसंद है। रितिका अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के साथ ही नाना चंद्रमणी पालीवाल को भी दिया है।

सफलता का मूल मंत्र
टाइम टेबल बनाकर स्टडी करने से ही बोर्ड एग्जाम में यह सफलता पाई है। दिन में ही पढ़ाई करना पसंद था। रात में कभी नहीं पढ़ाई की। अगर एकाग्र होकर पढ़ाई की जाए तो लक्ष्य पाने में कभी कोई दिक्कत नहीं होती। स्कूल में पढ़ाए हुए लेसन को घर आकर उसका रिवीजन अवश्य करती थी।

स्कोर बोर्ड
हिंदी  - 100
अंग्रेजी - 99
साइंस  - 99
एसएसटी - 99
मैथ्स   - 100
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ऋषिकेश की आस्था कंडवाल ने किया दून जिले में टॉप

सीबीएसई 10वीं के रिजल्ट में देहरादून जिले में ऋषिकेश के डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा आस्था कंडवाल ने टॉप किया है। जिले में दूसरे स्थान पर शेमफोर्ड दून (अब टोंस ब्रिज) की छात्रा प्रतिभा मिश्रा रही है। जबकि तीसरे स्थान पर दून इंटरनेशनल स्कूल की प्रशंसा बिष्ट, आर्मी स्कूल बीरपुर के प्रियांशु महर और संत कबीर एकेडमी की श्रृष्टि शुक्ला रही हैं।

हर्षवर्धन और दरबारा ने बढ़ाया हरिद्वार का मान 
बुधवार को जारी सीबीएसई दसवीं के परीक्षा परिणाम में रुड़की के ग्रीनवे स्कूल के हर्षवर्धन गुप्ता ने प्रदेश में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जबकि हरिद्वार जिले में टॉप किया है। वहीं, आचार्यकुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के दरबारा सिंह ने प्रदेश में चौथा और जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। डीपीएस भेल रानीपुर के ताशी बंसल और केंद्रीय विद्यालय दो रुड़की की मानसी यादव प्रदेश में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रही, जबकि इन दोनों ने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
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