श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी महंत मोहन दास का नौ दिन बाद भी कुछ पता नहीं चलने चिंतित संत समाज रविवार को राज्य सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि छोटे-छोटे कार्यक्रमों में हरिद्वार आने वाले मुख्यमंत्री इतने बड़े संत के लापता होने के मामले को लेकर कतई गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री के अब तक संतों के बीच नहीं आने को लेकर भी नाराजगी जताई । पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो संत आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
संतों ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से फोन पर वार्ता कर सीबीआई जांच कराने की अपनी बात से अवगत कराया। शहरी विकास मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि संत अगर चाहेंगे तो सरकार सीबीआई जांच कराने की भी संस्तुति करेगी।
रविवार को श्रीमहंत महेश्वरदास महाराज, महंत रघुमुनि, महंत दुर्गादास, की अध्यक्षता में संतों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने महंत मोहनदास की तलाश के लिए प्रभावी कदम उठाएने और प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्हाेंने कहा कि समूचा संत समाज इस मामले पर एकजुट है।
बैठक में महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, मुखिया महंत भगत राम, निर्मल अखाडे़ के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी हरिचेतानानंद, स्वामी कपिल मुनि महाराज, महंत गोपाल सिंह, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत दामोदर दास, महंत निरंजन दास, महामंडलेश्वर स्वामी कृषनानंद, संत समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी राम स्वरूप ब्रह्मचारी, महंत जयेंद्र मुनि सहित कई संत महंतों ने महंत मोहन दास को तलाशने की मांग की, साथ ही इस मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।
श्रीमहंत महेश्वरदास महाराज ने कहा कि पुलिस महंत मोहनदास को तलाशने में जितनी देर करेगी उतनी ही अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से इस मामले को लेकर फोन पर लंबी बात की और पुलिस प्रशासन की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जल्द अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद दो अक्तूबर को हरिद्वार में बैठक करेगी।