पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने रैली निकाली। इस घटना पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की सख्ती की मांग करते हुए छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान छात्रों ने टीएमसी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली निकाल रहे पुलिस की टीम निगरानी में मुस्तैद रही।
छात्रों ने पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए रेंजर्स ग्राउंड से रैली शुरू की। फिर बुद्धा चौक, दून अस्पताल, कचहरी होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस ने भीड़ को जिलाधिकारी के कार्यालय तक जाने से रोका और छात्रों को मजबूरन गेट के बाहर बैठना पड़ा। परिषद प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन को पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि बंगाल के संदेशखाली की घटना महिलाओं के साथ अत्याचार को दर्शाता है। सत्ता के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरदस्ती नाबालिग कन्याओं और महिलाओं का चयन कर उनका अपहरण करके उनके साथ दुष्कर्म किया जाता है। इन पीड़िताओं में अधिकतर महिलाएं अत्यंत पिछड़े और अनुसूचित वर्ग की हैं। इस घटना से तंग आकर कई परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। पश्चिम बंगााल में कानून व्यवस्था पर दबाव बनाया जा रहा है। प्रदेश संयुक्त सचिव किरन कठैत ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।