फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Roorkee: यूसीसी के तहत हलाला मामले में केस दर्ज, पीड़िता से मिलने पहुंचीं अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष

Fri, 15 May 2026 08:23 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि हलाला एवं तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं न केवल महिलाओं के अधिकारों का हनन करती हैं बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाती हैं। ऐसे में इन कुप्रथाओं के विरुद्ध आवाज उठाना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हलाला का पहला केस दर्ज कराने वाली पीड़िता का मनोबल बढ़ाने के लिए शुक्रवार को उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम बुग्गावाला क्षेत्र स्थित उनके गांव पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता एवं उसके परिजनों से बातचीत की। उसकी स्थिति की जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहयोग एवं न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

विज्ञापन


उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का आधार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकारों में निहित होता है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरगामी प्रभाव वाला है जिससे महिलाओं को सामाजिक कुरीतियों और भेदभावपूर्ण प्रथाओं से मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हलाला एवं तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं न केवल महिलाओं के अधिकारों का हनन करती हैं बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाती हैं। ऐसे में इन कुप्रथाओं के विरुद्ध आवाज उठाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पीड़िता के साहस, दृढ़ता एवं जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और उन्हें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत देगा।
विज्ञापन


Uttarakhand: स्कूल परिसर में देह व्यापार पर महिला आयोग सख्त,  जिलाधिकारी को पत्र लिख कड़ी कार्रवाई के लिए कहा

विज्ञापन

उपाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं अल्पसंख्यक आयोग पीड़िता के साथ मजबूती से खड़े हैं और मामले में निष्पक्ष एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता लागू होने से महिलाओं को कानूनी संरक्षण मिलेगा और समाज में समानता एवं न्याय की भावना को बल मिलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें