इस बीच दोनों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ बैठक में सुलह कराई गई। इसके बाद दोनों विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी बंद कर दी थी। इस बीच विधायक चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ तो पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाते हुए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से दोनों विधायक एक-दूसरे पर बयानबाजी करते बच रहे थे, लेकिन एक बार फिर दोनों विधायकों के बीच चली आ रही रार ने बड़ा रूप ले लिया है।
विधायक देशराज कर्णवाल ने एसएसपी को तहरीर देकर विधायक प्रणव चैंपियन पर अप्रैल में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, धमकी देने और अभद्र टिप्पणी का आरोप लगाया है। एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ एससी एसटी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट को सौंपी गई है। सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। उस समय के वीडियो की छानबीन की जा रही है। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीति गलियारों में हलचल तेज
विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ केस दर्ज करवाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इसके तरह-तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। मामले में इतने दिनों बाद विधायक चैंपियन के खिलाफ केस दर्ज होने को लेकर पर्दे के पीछे बड़े नेताओं का हाथ होने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि, कोई खुलकर नहीं बोल रहा है।
30 नवंबर को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू कुंजा बहादरपुर आए थे। कार्यक्रम में भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल और निष्कासित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में दोनों विधायक एक-दूसरे के बगल में बैठे थे और हंसीखुशी बातचीत करते हुए दिखे थे। इस बीच दोनों विधायकों ने एक फोटो भी खिंचवाई थी, जिसमें विधायक चैंपियन, देशराज कर्णवाल के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद देते नजर आए थे।
चैंपियन ने कर्णवाल को छोटा भाई बोला था तो कर्णवाल ने भी उन्हें बड़ा भाई बोला था। इसे लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों में सुलह होने के आसार हैं और चैंपियन की पार्टी में वापसी हो सकती है, लेकिन इस मुकदमे के बाद ये कयास झूठे साबित हुए।
...तो बढ़ सकती हैं चैंपियन की मुश्किलें
विधायक देशराज कर्णवाल की ओर से चैंपियन के खिलाफ केस दर्ज करवाने के बाद माना जा रहा है कि अब उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बताया जाता है कि अब भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की नजर भी विधायक चैंपियन के ऊपर टिक गई हैं। पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है, इस पर भी शीर्ष नेतृत्व नजर बनाए हुए है। चर्चा यह भी है कि इस बार चैंपियन के मुश्किलें तो बढ़ेंगी ही, उनके खिलाफ कोई बड़ा एक्शन भी लिया जा सकता है।