माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। उक्रांद ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर युवा उक्रांद कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर मुकदमे दर्ज कराए हैं। युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय महामंत्री महेंद्र जोशी ने कहा कि सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल हल्द्वानी में पिछले काफी समय से अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। मरीजों के भोजन का मामला हो या वार्ड की सफाई या फिर कोरोना मरीजों को उचित उपचार देने संबंधी। आए दिन मरीजों और उनके तीमारदारों को अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उक्रांद पदाधिकारी इस मामले की कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। हद तो तब हो गई जब पिछले दिनों कोरोना के मरीज का शव अस्पताल के शौचालय में पड़ा मिला। इसी तरह के कई अन्य मामले भी सामने आए हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर ही उक्रांद पदाधिकारियों ने अस्पताल के सम्मुख शांतिपूर्वक ढंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णता से पालन करते हुए धरना दिया। उनको जबरन रोका और बाद में मुकदमा भी दर्ज कर लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। इस तरह के पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लिए जा रहे फैसलों का उक्रांद पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने मुकदमे दर्ज ना होने की दशा में प्रदेशभर में उग्र आंदोलन छेड़ने की भी चेतावनी दी।