चकराता वन प्रभाग की रिवर रेेंज के माख्टी में देवदार के पेड़ों की अवैध कटाने के मामले में राजस्व पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को वन और राजस्व विभाग की टीम ने एक खेत से देवदार की 22 डाटें बरामद की थीं। हालांकि पूछताछ के दौरान खेत के स्वामी ने पेड़ों की कटान की जानकारी होने से इन्कार किया है। पूर्व में भी कनासर और रिवर रेंज में स्थानीय ग्रामीणों ने पेड़ों के कटान की जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया था। जबकि वहां के घर, स्कूलों और खेतों से देवदार के करीब 4500 स्लीपर बरामद हुए थे।
चकराता वन प्रभाग की रिवर रेंज के अधिकारियों को बृहस्पतिवार रात मुखबिर ने माख्टी में एक खेत में देवदार की डाटें पड़ी होने की सूचना दी थी। शुक्रवार सुबह टीम मौके पर पहुंची तो खेते में देवदार की 22 डाटें मिलीं।
शनिवार को वन और राजस्व विभाग की टीम दोबारा माख्टी पहुंची। टीम ने यहां आसपास की छानियों में ग्रामीणों से पूछताछ की। टीम को पता चला कि खेत रताड़ निवासी रघुवीर का है। टीम ने रघुवीर को बुलाकर उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उनको भी सुबह ही खेतों में देवदार के पेड़ों के कटने की जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि पेड़ किसने काटे, इसकी उनको जानकारी नहीं है। वह टीम को खेतों में खड़ें पेड़ों की संख्या भी नहीं बता पाए। एसडीएम हर गिरी गोस्वामी के निर्देश और राजस्व उप निरीक्षक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
टीम में राजस्व निरीक्षक मोतीलाल जिनाटा, उपनिरीक्षक सुखदेव जिनाटा, वन बीट अधिकारी बिरेंद्र सिंह, फोरेस्ट गार्ड अतर सिंह, राजस्व अनुसेवक गीता राम डिमरी, शमशेर सिंह आदि शामिल रहे।