नगर निगम रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा के खिलाफ सरकारी संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन के आदेश पर मुख्य नगर आयुक्त ने मंगलवार को सिविल लाइंस कोतवाली में यह केस दर्ज कराया। मामला बीटी गंज स्थित नगर निगम की संपत्ति की लीज समाप्त होने के बाद बैनामा कराने से जुड़ा है, जिसकी जांच सीओ चंदन सिंह करेंगे।
रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा ने नगर निगम की लीज की संपत्ति का अपने तीन साथियों के साथ बैनामा कराया था जबकि इस संपत्ति की लीज की अवधि वर्ष 1998 में ही समाप्त हो गई थी। करीब ढाई हजार वर्ग फीट की इस संपत्ति की लीज की अवधि बढ़ाने के लिए तत्कालीन नगर पालिका में आवेदन भी किया गया था, लेकिन नगर पालिका ने अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद संपत्ति की मालकिन के पौत्र ने पूर्व मेयर समेत तीन के नाम बैनामा कर दिया था। साथ ही संपत्ति पर बने भवनों की जगह कांप्लेक्स का निर्माण कर इनमें से कुछ दुकानें अन्य लोगों को बेच दी गईं। करीब दो साल पहले मामले की शिकायत शासन स्तर पर की गई। आरोप लगाया गया था कि नगर निगम की संपत्ति को करोड़ों में बेचकर खुर्दबुर्द किया जा रहा है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कांप्लेक्स की जांच करते हुए आरोपों की पुष्टि की, लेकिन इसके बाद भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
इसके बाद हरिद्वार निवासी योगेंद्र सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सितंबर 2018 में शासन को कार्रवाई के आदेश दिए थे। शासन ने जिलाधिकारी दीपक रावत को मामले में पूर्व मेयर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। अब जिलाधिकारी के आदेश पर मंगलवार को मुख्य नगर आयुक्त रुड़की पीसी डंडरियाल की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली में पूर्व मेयर के खिलाफ सरकारी संपत्ति को खुर्दबुर्द करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया।
दूसरी ओर, इसी मामले में शासन की ओर से नवंबर 2018 में पूर्व मेयर यशपाल राणा के चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाए जाने के आदेश जारी हो चुके हैं। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पूर्व मेयर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच सीओ चंदन सिंह बिष्ट कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।