भले ही सरकार दूनवासियों को स्मार्ट सिटी का ख्वाब दिखा रही है, लेकिन वर्तमान में शहर की जो दशा है, उससे स्मार्ट सिटी का सपना केवल सपना ही लग रहा है। जगह-जगह सड़कें खुदी हुई हैं, कई जगह सड़क पर सीवर बह रहा है। पानी के लीकेज की समस्या भी बनी हुई है, लेकिन स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वालों की इस ओर नजर नहीं जा रही है।
दून को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लंबा चौड़ा प्लान बनाया गया है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही दून शहर पूरी तरह से स्मार्ट हो जाएगा, लेकिन वर्तमान में दून की जो हालत है, लगता नहीं कि स्मार्ट शहर का सपना कभी पूरा हो जाएगा। शहर का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है, जहां सड़कों को छलनी न किया गया हो। कहीं, सीवर लाइन के लिए तो कहीं पेयजल लाइन के लिए। इन सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। बारिश में तो सड़कों पर चलना खतरे से कम नहीं है। यही नहीं कई जगह सड़कों पर सीवर भी बह रहा है।
पटेलनगर के मंडी चौराहे पर सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबू से परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। राजधानी के आरकेडिया और ईस्टहॉप टाउन में तमाम सड़कें खुदी पड़ी हैं। लाइनें लीक हैं, लेकिन कोई भी इनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। ऐसे में राजधानी को स्मार्ट बनाने की मंशा पर ही सवाल उठने शुरू हो गए हैं।