राज्य के वाणिज्य कर विभाग पर सरकारी खजाने को भरने का जिम्मा है, लेकिन अब वही टैक्स चोरी करा रहे हैं। इस चोरी को राज्य के राजनेताओं का संरक्षण मिलने से स्थिति और खराब हो रही है।
वाणिज्य कर की रोज लाखों रुपए की चोरी कर करोड़ों का माल प्रदेश में खप रहा है। वाणिज्य कर विभाग की हाल की रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है।
बिना टैक्स के माल पर कार्रवाई नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में तकरीबन 400 ट्रक माल प्रतिदिन आता है। लेकिन उसके अनुपात में सरकारी खजाने में न तो टैक्स आता दिख रहा है और न ही बिना टैक्स के माल पर कार्रवाई होती दिख रही है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अकेले हरिद्वार जिले में ही रोजाना 80 ट्रक बिना टैक्स वाला माल खप रहा है। यही स्थिति ऊधमसिंहनगर और नैनीताल जिले की है। इस चोरी में कुछ हाथ विभागीय कार्मिकों की ट्रांसपोर्टर्स से मिलीभगत है तो कुछ संबंधित जिलों के नेताओं का संरक्षण।
नरसन चेक पोस्ट पर पकड़े ट्रक
अमूमन तो कोई बड़ी कार्रवाई कभी होती नहीं दिखती, कभी हो गई तो जिले के नेता पूरा प्रशासन और शासन सिर पर उठा लेते हैं। इसका ताजा उदाहरण आशारोड़ी चेकपोस्ट पर और सोमवार देर रात नरसन चेक पोस्ट पर पकड़े ट्रक हैं।
ट्रक संचालकों से वाणिज्य कर विभाग की मिलीभगत के चलते शुरुआती चेकपोस्ट से ये वाहन अंदर आ गए। लेकिन सेक्टर में काम कर रहे कुछ कार्मिकों की छापामारी में पकड़े गए। इन ट्रकों में करोड़ों रुपये का माल है।
हरिद्वार जिले के एक नेता अब इन ट्रकों को छुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं। मामला पहले विभागीय मंत्री तक गया। काम नहीं बनता दिखा तो सरकार के मुखिया तक भी पहुंच गए।
ऐसे होती है खजाने की चोरी
टैक्स चोरी करने वाले शुरू में छोटे वाहन में अपना कुछ माल भेजते हैं। चेक पोस्ट अथवा संबंधित मार्ग पर तैनात वाणिज्य कर की मोबाइल यूनिट इस वाहन को पकड़ कर कार्रवाई करती है। इस दौरान बड़े ट्रक करोड़ों रुपए का माल लेकर प्रदेश की सीमा में घुस जाते हैं।
इस तरह सरकारी खजाने में कुछ रुपए जमा करवा कर कार्मिक सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगा रहे हैं। इसकी पोल आशारोड़ी चेक पोस्ट पर पिछले एक सप्ताह से खड़े चार ट्रक हैं, जिनमें करोड़ों रुपए का परचून का माल है। विभाग की असेसमेंट यूनिट ने करीब 20 लाख रुपए की महज पेनाल्टी का आंकलन किया है।
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