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रामभरोसे उत्तराखंड की चारधाम यात्रा, लापरवाही से हो सकते हैं बड़े हादसे

Tue, 02 May 2017 05:50 PM IST
हेमवती नंदन भट्ट / अमर उजाला, ऋषिकेश
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danger zone, badrinath highway, chardham yatra - फोटो : amar ujala file photo
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चार धाम यात्रा अव्यवस्थाओं के बीच रामभरोसे संचालित हो रही है। यात्रा की तैयारियों के लिए मंडलायुक्त ने 12 अप्रैल को तीर्थनगरी में विभिन्न विभागों की बैठक में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का दावा किया था। मगर यात्रा शुरू होने के पांच दिन बाद भी अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं।
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पांच दिन पहले उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी यात्रा के सुरक्षित होने पर जोर दिया था, मगर सीएम के दावों में भी चूक सामने आने लगी है। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से यात्रा में जाने वाले वाहनों के चालकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। जिसमें चालकों को वर्दी पहनकर वाहन चलाने के निर्देश दिए गए थे, मगर बसों के चालक सादे कपड़ों में ही वाहनों का संचालन करते देखे जा सकते हैं।

यात्रा के दौरान बसों की फिटनेस पर अधिक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को चारों धामों के लिए रवाना हुई एक बस के आगे के टायर के सभी बोल्ट नहीं थे। ऐसी लापरवाही से यात्रा के दौरान दुर्घटना हो सकती है। संबंधित अफसर इस ओर लापरवाह बने हुए हैं। 
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विभाग द्वारा चार धाम यात्रा से जुड़े सभी चालकों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है। जो चालक वर्दी के बिना वाहन चलाते हुए मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वर्दी के साथ ही वाहनों की फिटनेस की बाबत प्रवर्तन अधिकारी द्वारा जगह-जगह चेकपोस्टों पर चेकिंग की जा रही है। 
- डा. अनीता चमोला, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, ऋषिकेश
 
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बीटीसी के अतिक्रमण को लेकर चिट्ठियों का दौर शुरू 

चार धाम - फोटो : file photo
पर्यटन विभाग द्वारा केंद्रीय मेगा पर्यटन सर्किट योजना के तहत 12 करोड़ की लागत से तैयार किए गए चार धाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए अब चिट्ठियों का दौर शुरू हुआ है। यह पहल उसी पर्यटन महकमे के मुखिया ने की थी, जिस विभाग को चारों धाम की यात्रा के बेहतर संचालन के लिए केंद्रीय योजना को धरातल पर उतारने का जिम्मा सौंपा गया था।

मगर पर्यटन विभाग योजना को लेकर प्रारंभ 2009 से लेकर अब तक गंभीर नहीं रहा। अगर महकमा गंभीर होता तो वर्तमान में यहां टर्मिनल सिस्टम लागू हो चुका होता। कंपाउंड में बसों के स्थान पर अवैध खोखे रखे होने से वाहनों को खड़े होने के लिए जगह नहीं मिलती है। इस पर पर्यटन सचिव शैलेश बगोली का कहना है कि उन्हें इस बाबत जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि बीटीसी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए आयुक्त गढ़वाल और जिला प्रशासन पत्र भेजा जा चुका है। मगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

बीटीसी परिसर में अतिक्रमण का मामला संज्ञान में नहीं आया है। इस बाबत पर्यटन सचिव के पत्र को दिखवाया जाएगा। परिसर का निरीक्षण कर ठोस व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा।
- डा. एसए मुरुगेशन, डीएम देहरादून

यात्रा को लेकर लापरवाह हैं कमिश्नर
चार धाम यात्रा की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे आयुक्त गढ़वाल विनोद शर्मा इस कार्य को कितनी गंभीरता से निभा रहे हैं, इसका अंदाजा इससे लगता है कि चार धाम यात्रा अव्यवस्थाओं पर अमर उजाला ने तमाम मुद्दे उठाए थे, जिस बाबत उनका पक्ष जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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