अपने जीजा पंकज रस्तोगी की मौत के ठीक आधे घंटे बाद ही दिलीप रस्तोगी ने भी दम तोड़ दिया। कुछ घंटों के अंतराल में ही रस्तोगी परिवार में दो चिताएं जलीं। नियति ने इस परिवार के लिए आगे ऐसा ही कुछ और रचा हुआ था। संगीता रस्तोगी का मायका मुरादाबाद में था और आरती नानकमत्ता की रहने वाली थीं। अक्सर दोनों परिवार इन रिश्तेदारियों में जाते रहते थे।
परिवार शनिवार रात डेढ़ बजे भी इसी रिश्तेदारी में जाने के निकले लिए तो रास्ते में सामना मौत से हो गया। एक साथ अपने सुहाग गंवाने वाली संगीता और आरती भी एक साथ काल का ग्रास बन गईं।
अतुल ने घर पर दी हादसे की सूचना
आरती के बेटे अतुल ने हादसे के बाद अपने घर पर सुबह के वक्त इस हादसे की सूचना दी। उसके बाद किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। आनन-फानन में पंकज रस्तोगी के छोटे भाई और अन्य परिवार वाले भी मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। परिवार के सदस्यों ने बताया, चारों के शवों को हरिद्वार लाया गया है। वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।