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अंतिम बोर्ड बैठक में कर्मचारियों पर बरसे ब्रिगेडियर सिंह

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देहरादून। छावनी परिषद देहरादून की कार्यकारिणी की अंतिम बैठक में कई मुद्दों पर छावनी अध्यक्ष ब्रिगेडियर एसएन सिंह कर्मचारियों और अधिकारियों पर खूब बरसे। उन्होंने जेई नवनीत क्षेत्री की क्लास इस बात पर ली कि उनकी अगुवाई में प्रेमनगर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान ठीक तरह से नहीं चला। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मियों हाजिरी सही न होने और म्यूटेशन व भवन मानचित्र प्रक्रिया में कार्यालय अधीक्षक को डांट खानी पड़ी।
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देहरादून कैंट बोर्ड की बैठक सोमवार को ब्रिगेडियर एसएन सिंह की अध्यक्षता में छावनी सभागार में हुई। बैठक में सबसे पहले आगामी 12 फरवरी को सभासदों और उपाध्यक्ष के कार्यकाल समाप्त होने पर बोर्ड भंग होने की जानकारी दी गई। इसके बाद छावनी के अलग-अलग विभागों में टेंडर पर चर्चा हुई। बोर्ड बैठक के प्रेमनगर बाजार में छावनी की ओर से अतिक्रमण ध्वस्तीकरण को लेकर चलाए गए अभियान की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने प्रेमनगर बाजार में सड़क के मानचित्र की जानकारी ली।
इस दौरान जेई ने कहा कि छावनी में बाजार की सड़क का मानचित्र नहीं है। इस पर उन्होंने हैरानी जताई कि बिना मानचित्र अभियान किस आधार पर चलाया गया। तब जेई ने बताया कि बाजार में सड़क के दोनों ओर नाला बना है। नाले के ऊपर या आगे के अतिक्रमण तोड़े जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पूछा कि इस जद में आए क्या सभी अतिक्रमण तोड़ दिए गए हैं? इस दौरान सामने आया कि कुछ अतिक्रमण को हिदायत देकर छोड़ा गया, जबकि, कुछ बिना समय दिए तोड़े गए। इस दोहरी प्रक्रिया पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। वहीं जल्द ही दोबारा सभी अतिक्रमण तोड़ने की हिदायत दी। बोर्ड बैठक में सीईओ तनु जैन, उपाध्यक्ष राजेंद्र कौर सौंधी, सभासद मेघा भट्ट, मीनू, मधु खत्री, विनोद पंवार, हितेश गुप्ता, जितेंद्र तनेजा शामिल रहे।
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म्यूटेशन और मानचित्र स्वीकृति में देरी पर नाराज
बोर्ड में सभासदों ने एक सुर में कहा कि उनके वार्डों के म्यूटेशन और मानचित्र स्वीकृति के मामले तीन-तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित हैं। इस पर ब्रिगेडियर ने गुस्सा जाहिर किया। बोर्ड बैठक में आउटसोर्स सुरक्षाकर्मियों के कांट्रेक्ट रिन्यू करने की बारी आई। इस दौरान उन्होंने बीते महीनों की उपस्थिति पंजिका मांगी। उसमें कई कर्मचारियों उपस्थिति दर्ज नहीं थी, जबकि, उनकों को वेतन जारी कर दिया गया था। इस पर वह फिर नाराज हुए।
काम में लाएंगे तेजी
बोर्ड भंग होने के बाद छावनी अध्यक्ष, सीईओ और एक मनोनीत सदस्य बोर्ड चलाते हैं। सोमवार को छावनी की आखिरी बोर्ड बैठक होने पर सभासदों ने कहा कि आगे क्षेत्र के विकास कार्य लंबित न रहें। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अभी सभासदों के समय पर नहीं मिलने पर कई मुद्दे अटक जाते थे। आगे इस काम में तेजी लाई जाएगी।
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