उत्तराखंड में राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में निरस्त हुए छात्रसंघ चुनाव के चलते छात्रों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को शहर भर के महाविद्यालयों में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, सरकार ने छात्रों के लोकतांत्रिक हक को मार दिया।
विवि और महाविद्यालयों में अगर छात्र नेता नहीं होंगे तो शिक्षक व प्रबंधक छात्रों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करेंगे। इतना ही नहीं छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा, जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सुबह से ही डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज, एमकेपी पीजी कॉलेज और एसजीआरआर पीजी कॉलेज के मुख्य गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही गेट पर तालाबंदी कर शिक्षकों को भी प्रवेश नहीं दिया। डीएवी के छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा, छात्र संघ चुनाव के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रतिनिधित्व करने के लिए मंच उपलब्ध होता है।
इसमें पूरे वर्षभर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्र हितों को छात्र संघ की ओर से संरक्षित और पोषित किया जाता है। कहा, यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार पर नौकरशाही इतनी हावी हो चुकी है। एक ओर महाविद्यालयों को निजीकरण करने की साजिश है तो दूसरी ओर छात्र संघ को समाप्त कर छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा, पूर्व के दो वर्षों में भी छात्र संघ चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के विपरीत नवंबर-दिसंबर में सम्पन्न हुए। इतना ही नहीं छात्रों ने कहा, बीजेपी को इस बार उपचुनाव और निकाय चुनाव में हार का डर सता रहा है। जिसके चलते सरकार छात्र संघ चुनावों को करवाने से बच रही है। प्रदर्शन करने वालों में अनुज शाह, ऋषभ मल्होत्रा, ऋतिक नौटियाल, सौरभ पोखरियाल, मयंक रावत, नवदीप राणा, गोविंद रावत, सौरभ सेमवाल, स्वयं रावत, हरीश जोशी, करण नेगी, पुलकित आदि मौजूद रहे।
Iआज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
I
चुनाव निरस्त होने से आक्रोशित छात्रों का आंदोलन आज (शनिवार) भी जारी रहेगा। छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया 26 अक्तूबर को महानगर के सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की ओर से दोपहर घंटाघर के पास एकत्रित होकर उच्च-शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पुतला दहन किया जाएगा। जल्द चुनाव के संबंध में सरकार की ओर से कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।