उत्तराखंड में निर्माण एजेंसियां कितने मनमाने ढंग से काम कर रही हैं इसका जीता जागता उदाहरण चौखुटिया ब्लाक के ग्राम पंचायत सुनगड़ी के मालाखेत तोक में बनी एक नहर है। लघु सिंचाई विभाग ने नहर का हेड गधेरे (छोटी नदी) से करीब दो मीटर ऊपर बना दिया।
हेड का निर्माण पूरा होने के बाद करीब पांच लाख रुपये खर्च करके 60 मीटर नहर का निर्माण कर दिया गया। जब ग्रामीणों ने आवाज उठाई तब जाकर काम बंद किया गया। सिंचाई के अभाव में खेत भी सूखे पड़े हैं और नहर के निर्माण में खर्च धन पूरी तरह बरबाद हो चुका है।
ग्राम पंचायत सुनगड़ी के मालाखेत तोक में खचार गधेरे के निकट 2014-15 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा करीब साठ मीटर की सिंचाई नहर बनाई गई है। विभाग ने इस नहर का हेड गधेरे से करीब दो मीटर ऊंचाई में बना दिया और वहीं से नहर का निर्माण भी शुरू कर दिया गया।
जब यह नहर करीब 60 मीटर तक बन गई तब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद विभाग ने काम को बीच में ही छोड़ दिया। नहर को मालाखेत से मल्लाताजपुर तक बनना था, लेकिन यह मालाखेत की सीमा से आगे नहीं बढ़ पाई है।
पिछले साल बनी इस नहर में पूरी तरह से मलबा भर चुका है। साथ ही झाड़ियां भी उग आई हैं। इधर नहर में पानी न होने से काश्तकारों की फसल बर्बाद हो चुकी है। गांव के कृषक बलवंत राम और मोहन राम सहित तमाम लोगों ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
इस नहर के निर्माण के लिए पूरा धन नहीं मिला है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से धन मिलने पर इस नहर का निर्माण किया जाएगा। नहर का हेड सही स्थल पर बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए नहर की लंबाई को बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। हेड गलत स्थान पर कैसे बन गया इसकी जानकारी भी ली जाएगी।
- आरबी त्रिवेदी, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई