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निदेशक ने खोला वीसी के खिलाफ मोर्चा, कोर्ट में घसीटने की धमकी

Thu, 15 Sep 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षिका ने निकाले जाने पर हंगामा मचाया था। - फोटो : AmarUjala
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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति और संघटक कॉलेज डब्ल्यूआईटी की निदेशक के बीच लड़ाई चरम पर पहुंच गई है। संविदा शिक्षिका सुनीता चंदेल के मामले में कुछ दिन पहले कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने निदेशक डॉ. अलकनंदा अशोक पर कई आरोप लगाए थे। बुधवार को डॉ. अशोक ने कुलपति को कानूनी नोटिस भेजकर आरोपों का खंडन करने और लिखित माफी मांगने को कहा। ऐसा न करने पर उन्होंने कुलपति को कोर्ट में घसीटने की धमकी दी है।
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अपने अधिवक्ता राजीव रतूड़ी के जरिये कुलपति को भेजे नोटिस में उन्होंने कहा कि कुलपति के झूठे आरोप लगाने से उनके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है।

कुलपति ने यह कहा था
नोटिस के अनुसार, कुलपति ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने आप को डायरेक्टर नहीं, बल्कि एडीजीपी की पत्नी मानती हैं, इसलिए वह किसी के आदेश को नहीं मानती है। उन्होंने मुझसे बहस की और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो नहीं करना चाहिए था। किसी भी डायरेक्टर को वीसी को ऐसे शब्द लिखने से साफ है कि उनके दिमाग में एडीजीपी की पत्नी होने का घमंड है।
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नोटिस में कहा गया है कि कुलपति के इस बयान से निदेशक की योग्यता, बुद्धिमता और कार्यकुशलता पर सवाल उठाए गए हैं। जिससे उनकी प्रतिष्ठा, आत्मसम्मान, काबिलियत और कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि छवि और प्रतिष्ठा को जो नुकसान पहुंचा, उसकी क्षति का आंकलन मूल्यों के रूप में नहीं किया जा सकता है। 
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मेरे संज्ञान में नोटिस भेजे जाने की जानकारी नहीं है। जब नोटिस आएगा, तब देखा जाएगा।
-प्रो. पीके गर्ग, कुलपति, यूटीयू
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