उत्तराखंड के लाल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पहाड़ कभी भी आपके हौसलों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है। अगर मेहनत और लगन हो तो कुछ भी किया जा सकता है।
पिछड़ा क्षेत्र होने के बावजूद सरस्वती विद्या मंदिर हाईस्कूल थलीसैंण के छात्र शांति प्रकाश ने 10वीं की परीक्षा में 94.6 प्रतिशत अंक लाकर 17वां रैंक हासिल किया है। शांति प्रकाश ने इस उपलब्धि से स्कूल, परिजनों सहित अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
थलीसैंण के गांव कैन्यूर निवासी शांति प्रकाश के पिता बलबीर सिंह गवर्नमेंट इंटर कालेज थलीसैंण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर उन्होंने खुशी जताई है।
शांति प्रकाश ने बताया कि वह चार भाई व एक बहन हैं। राठ क्षेत्र होने के कारण खेतों में कामकाज भी अधिक होता है, इसलिए उसने खेती का काम करने के साथ-साथ पढ़ाई भी की।
वह प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई में जुटा रहा। इसके फलस्वरूप वह रैंक हासिल करने में कामयाब रहा। गणित थोड़ा कमजोर होने के कारण उसने ट्यूशन लगाई थी। शांति प्रकाश ने सोशल साइंस में 100 में से 99, हिंदी में 96 और संस्कृति व गणित में 94-94 अंक हासिल किए हैं।