उच्चशिक्षा निदेशालय ने शिक्षा सत्र 2017-18 में 180 दिन पढ़ाई का शैक्षणिक कलेंडर जारी किया था लेकिन कुमाऊं के डिग्री कॉलेजों में 180 दिन पढ़ाई तो नहीं हुई लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय ने 158 दिन में परीक्षाएं कराने का रिकॉर्ड जरूर बनाया।
हाल यह है कि जुलाई 2017 से कभी कुविवि की सेमेस्टर परीक्षाएं, कभी प्राइवेट एवं संस्थागत वार्षिक परीक्षाएं तो कभी सुधार परीक्षाएं होने के कारण डिग्री कॉलेजों का ज्यादा समय परीक्षाएं कराने में ही बीत गया।
उच्चशिक्षा निदेशालय की ओर से जून 2017 में शैक्षिक कलेंडर लागू किया गया था। इसमें शिक्षा सत्र 2017-18 के कुल 228 कार्यदिवसों में से 180 दिन क्लासें चलने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पिछले वर्ष 24 जुलाई को कुविवि की मुख्य परीक्षाएं समाप्त होने के बाद महाविद्यालयों में नये सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई।
यहां पढ़ाई रही रामभरोसे
छात्रसंख्या के आधार पर कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज में अगस्त से सितंबर तक प्रवेश के बाद छात्रसंघ चुनाव हुए। 10 अप्रैल का छात्रसंघ चुनाव निबटने के बाद दशहरा, दीपावली अवकाश हो गया। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में कॉलेज खुला। नवंबर तक पढ़ाई नियमित हो पाई थी कि दिसंबर में फिर सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो गईं। इसके बाद पढ़ाई रामभरोसे रही।
कब से कब तक चलीं परीक्षाएं
- प्रथम, तृतीय सेमेस्टर परीक्षाएं 16 दिसंबर से शुरू होकर 6 फरवरी - कुल 51 दिन
- प्राइवेट एवं संस्थागत वार्षिक परीक्षाएं 15 मार्च से 30 अप्रैल तक - कुल 46 दिन
- अब द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षाएं 15 मई से 16 जुलाई तक चलेंगी - कुल 61 दिन
ये रही स्थिति
- शिक्षा सत्र के कुल 228 कार्यदिवसों में से 158 परीक्षाएं हुईं
- इसमें बचे 70 दिन में कॉलेजों में दाखिले और छात्रसंघ चुनाव
- कुमाऊं में 47 राजकीय महाविद्यालय आदि संस्थान जोड़ कर कुल 64 संस्थानों में कुविवि परीक्षाएं कराता है।
मंत्री के आदेशों की भी उड़ी धज्जियां
dhan singh rawat
- फोटो : amarujala
उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभाग संभालने के उपरांत घोषणा की थी कि डिग्री कॉलेजों में हर हाल में 180 दिन पढ़ाई होगी। इसे हर हाल में लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उच्चशिक्षामंत्री के आदेश तो छोड़ो कुविवि स्वयं के शैक्षिक कलेंडर तक पर अमल नहीं कर सका। उच्चशिक्षामंत्री ने भी कुविवि में दो से तीन बार स्वयं जाकर बैठकें की मगर परिणाम ढाक के तीन पात।
सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद से महाविद्यालयों में बार-बार परीक्षाएं होने के कारण शैक्षणिक कार्य दिवसों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। नए सत्र से पूरे 180 दिन पढ़ाई हो, इसके लिए तैयारी की जा रही है। इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
- डॉ. सविता मोहन, प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा