गढ़वाल विवि से पीएचडी करने वाले यूजीसी के चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के किसी काम आने पर उन्हें खुशी होगी। वह हिमालयी राज्यों के करीब 140 विश्वविद्यालयों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
जीडीपी का केवल 0.6 प्रतिशत शोध में
यूजीसी के चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि देश की कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का महज 0.6 से 0.7 प्रतिशत ही शोध कार्यों में खर्च होता है। जबकि चीन में 2.1, इजराइल में 4.3 और कोरिया में 4.2 प्रतिशत हिस्सा शोध कार्यों में खर्च किया जाता है। ऐसे में भारत जैसे देश में शोध की बेहद कमी है। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय स्वायत्त हैं। लिहाजा वे अपने स्तर पर शोध कराएं, जो देश के काम आए।
विश्वस्तरीय शोध जर्नल भी निकालेंगे
यूजीसी के चेयरमैन ने इस बात पर चिंता जताई कि देश में चुनिंदा रिसर्च जनरल को छोड़कर बाकी शोध रिपोर्ट प्रकाशित कराने के लिए विदेशी रिसर्च जनरल पर ही निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के आईआईटी, आईआईएससी जैसे संस्थानों से भविष्य में ऐसे रिसर्च जनरल प्रकाशित किया जाएंगे, जिनमें विदेशी वैज्ञानिक भी अपनी शोध रिपोर्ट प्रकाशित कराएं।