देश भर के 30 केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में अब प्राचार्य सिर्फ पांच साल के लिए कुर्सी संभाल पाएंगे। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने 2010 के रेगुलेशन के तहत प्राचार्यों के कार्यकाल को लेकर नई गाइड लाइन जारी की है। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्राचार्यों को अपने मूल पदों पर लौटना होगा।
अब तक कॉलेजों में वरिष्ठ शिक्षक रिटायर्ड होने तक प्राचार्य पद पर बने रहते थे। यूजीसी की नई गाडइ लाइन के मुताबिक अब केवल पांच साल ही प्राचार्य कुर्सी पर बने रह पाएंगे।
पांच साल का टर्म पूरा होने पर सेवा बचने की स्थिति में अगले कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति प्रक्रिया चलेगी। इसके लिए रिव्यू कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें यूजीसी के चेयरमैन और विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से नामित सदस्य शामिल रहेंगे।