उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तमाम महत्वपूर्ण फैसले लिए। इनमें श्यामपुर में डिग्री कॉलेज खोलने, राजकीय महाविद्यालय भनोली में पदों के सृजन के संबंध में अफसरों को निर्देश दिए गए। तलवाड़ी में अर्थशास्त्र, काडा व चंद्रबदनी में विज्ञान, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वाराहाट में एमएससी, राजकीय महाविद्यालय रानीखेत व गरुड़ में गृह विज्ञान, टनकपुर में एमए अंग्रेजी, स्याल्दे में राजनीतिशास्त्र, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में सहायक लाइब्रेरियक पद के साथ-साथ छात्रावास व छात्राओं के लिए कॉमन हॉल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।
बुधवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा, कृषि, उद्यान, दुग्ध विकास व पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन डिग्री कालेजों के भवन निर्माणाधीन हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने लम्बगांव डिग्री कालेज में कंप्यूटर लैब, खेल मैदान, जहरीखाल में बहुउद्देशीय हाल की स्वीकृति भी प्रदान की। चंद्रावती तिवारी कन्या महाविद्यालय ऊधमसिंह नगर एवं गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय यमकेश्वर का प्रांतीकरण किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जोशीमठ, मुनस्यारी, नौगांव व नैनबाग में कृषि मंडी की स्थापना के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि मेलों के आयोजन पर ध्यान देने को कहा। इसके लिए 2.2 लाख की धनराशि भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए अभियान चलाने के अलावा इन उत्पादों के क्रय के लिए विभिन्न स्थानों पर क्रय केंद्र स्थापित करने को कहा।
उन्होंने बंगापानी व मदकोट में जैविक मंडी स्थापित करने, कालाढुंगी को फलमंडी के रूप में विकसित करने, मंडुवा व चैलाई के लिए अलग-अलग विपणन बोर्ड गठित करने के साथ ही मंडी में चैलाई का प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाने के लिए भी कहा। स्थानीय खाद्यान्न के उत्पादन को बढ़ावा देने और इन्हें उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में दो फूड मेलों के आयोजन के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, सचिव अमित नेगी, डीएस गर्ब्याल, अपर सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, जेपी जोशी, बीएस नेगी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।