अगर आप इंजीनियरिंग की सबसे कठिन मुकाबले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन(जेईई) एडवांस में सफल होने से चूक गए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आपके 12वीं के अंकों और जेईई मेंस के पेपर के अंकों के आधार पर अब ऑल इंडिया रैंक जारी होगी। इस रैंक के आधार पर देश के 31 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(एनआईटी) और 18 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी(ट्रिपल आईटी) में एडमिशन होंगे।
जेईई मेंस के स्कोर से शीर्ष दो लाख अभ्यर्थियों का आईआईटी प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के लिए चयन होने के बाद इनमें से 36566 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। बचे हुए सभी अभ्यर्थियों के पास अभी भी इंजीनियरिंग के नामी संस्थानों में दाखिले का मौका बचा हुआ है।
दरअसल, सीबीएसई की ओर से अभी जेईई मेंस के स्कोर और 12वीं के अंकों के आधार पर ऑल इंडिया रैंक जारी की जाएगी। इस रैंक के आधार पर 31 एनआईटी की 15,500 और 18 ट्रिपल आईटी की 2500 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा। इसके अलावा उत्तराखंड सहित कई राज्यों में राज्य कोटे की इंजीनियरिंग सीटों पर भी इसी स्कोर से एडमिशन का मौका मिलेगा।
गत वर्ष इन सीटों पर ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी(जोसा) से एडमिशन हुए थे। इस साल अभी तक स्थिति साफ नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल भी गत वर्ष की प्रक्रिया जारी रहेगी। परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी ने बताया कि कई छात्र जेईई एडवांस में अच्छी रैंक न आने की वजह से परेशान हो जाते हैं। उनके लिए एनआईटी और ट्रिपल आईटी का विकल्प खुला है। इन संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिली हुई है।