चयन आयोग की ओर से वर्ष 2016 के बाद की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, सहायक लेखाकार, एलटी शिक्षक समेत अन्य पदों की भर्ती में आंदोलनकारी आरक्षण कोटे से अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
लेकिन, मामला हाईकोर्ट में होने से आयोग ने राज्य आंदोलनकारी कोटे से चयनित अभ्यर्थियों के चयन का फैसला सुरक्षित रखा था। जिसमें 52 अभ्यर्थी शामिल हैं। अब सरकार ने भी हाईकोर्ट के आदेशों के बाद राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण न देने के संबंध में आदेश जारी किए हैं।
उधर, चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ न देने के बारे में शासन के आदेश प्राप्त हो गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करने को लेकर आयोग जल्द ही निर्णय लेगा।