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IIT में फूड प्वाइजनिंग, मेस का खाना खाकर बीमार हुए 28 छात्र

Fri, 27 Jan 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुड़की
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आईआईटी
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आईआईटी रुड़की में मेस का खाना खाने से 28 छात्र फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। अस्पताल में भर्ती करने के बाद सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेस से खाद्य सामग्रियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
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आईआईटी रुड़की के काटले भवन छात्रावास में करीब 900 छात्र रहते हैं। 25 जनवरी की शाम मेस में खाना खाने के बाद छात्रों को उल्टी और चक्कर आने लगे।

कुछ छात्रों की हालत गंभीर होने पर साथियों ने रात को ही आईआईटी अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ को 26 जनवरी की सुबह भर्ती कराया गया। उसके बाद चिकित्सकों ने हॉस्टल पहुंचकर छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे कैंपस

food poisoning - फोटो : File
इस बाबत डीन स्टूडेंट प्रो. डीके नौडियाल ने बताया कि मेस में शाम को छात्रों के कहने पर स्वीट कार्न राइस बनाए गए थे। इसे खाने के बाद छात्रों में फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई।

उन्होंने बताया कि मेस में करीब 900 छात्र खाना खाते हैं। इनमें से 28 छात्रों की तबियत खराब हुई है। सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मसाले व दूध आदि के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। गौरतलब है कि दो साल पहले भी संस्थान के राजेंद्र भवन में मेस का खाना खाने से कुछ छात्र बीमार हुए थे।
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संस्थान के पास नहीं फूड लाइसेंस

आईआईटी
संस्थान के पास अब तक फूड लाइसेंस नहीं है। जबकि वर्ष 2011 के बाद से यह सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है। डीन स्टूडेंट प्रो. डीके नौडियाल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा। इसके तहत टीम का निरीक्षण होगा और संस्थान की ओर से मैस से संबंधित सूचनाओं के लिए नोडल आफिसर की नियुक्ति की जाएगी।

घटना के बाद दौड़ता है खाद्य सुरक्षा विभाग
खानपान की सभी जगहों पर शुद्धता सुनिश्चित हो सके। इसकी जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग की है। लेकिन, अक्सर घटना के बाद विभागीय अधिकारी भागदौड़ करते हैं। आईआईटी के डीन प्रो. डीके नौडियाल ने बताया कि उनके तीन साल के कार्यकाल में कभी कोई चेकिंग के लिए नहीं आया है। विभाग के अधिकारी समय-समय पर जांच करें तो इससे कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। संस्थान हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तैयार है।
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