इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद अब आईआईटी के साथ ही बाकी संस्थानों में भी संयुक्त काउंसिलिंग 24 जून से शुरू होने जा रही है। इसके लिए ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी(जोसा) की वेबसाइट लांच हो चुकी है। जेईई मेंस की ऑल इंडिया रैंक आते ही काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी।
गत वर्ष से आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद, सीएफआईटी, आईआईएससी बैंगलोर सहित तमाम संस्थानों में संयुक्त काउंसिलिंग शुरू हुई थी। इसका मकसद यह था कि छात्र इन संस्थानों में किसी एक में ही सीट ले सकता है। दो जगह सीट लेकर एक जगह छोड़ने का विकल्प नहीं मिलेगा। जोसा की वेबसाइट लांच हो चुकी है।
इसके मुताबिक 24 जून से 28 जून तक सभी क्वालिफाइड कैंडिडेट्स अपनी च्वाइस भर सकते हैं। 26 जून को सीटों का ब्यौरा जारी होने के बादा 30 जून को प्रथम चरण की सीटें अलॉट कर दी जाएंगी। जोसा के नए नियम के मुताबिक अभ्यर्थी को सिर्फ एक ही बार च्वाइस फिल करने का मौका मिलेगा। इसलिए च्वाइस भरने से पहले ही सारे विकल्पों के लिए मन बना लेना होगा। काउंसिलिंग में हिस्सा लेने वाला छात्र एक बार में केवल एक सीट ही ले सकेगा, वह सीट होल्ड नहीं कर पाएगा।
परीक्षा विशेषज्ञ मनु पंत के मुताबिक नए नियम के तहत पहले राउंड में अगर आईआईटी की कोई सीट अलॉट होती है तो अभ्यर्थी को बताना होगा कि उसे यह सीट चाहिए या नहीं। अगर चाहिए तो सीट को ‘फ्रीज’ करना होगा। फिर दूसरे राउंड में उसके नाम पर विचार ही नहीं होगा।
दूसरा विकल्प सीट ‘लोट’ करने का होगा, अगर कोई सीट लोट करता है तो फिर उसे दूसरे राउंड में कोई और सीट दी जाएगी लेकिन पहली सीट पर दावा खत्म हो जाएगा। लोट करने के बाद जो सीट बाद में मिलेगी वहीं एडमिशन लेना होगा।
यह डॉक्यूमेंट कराने होंगे वेरिफाई
प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लैटर, ओरिजनल जेईई मेंस/जेईई एडवांस एडमिट कार्ड, मेडिकल रिपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, 12वीं की मार्कशीट, आरक्षित श्रेणी के प्रमाण पत्र।
यह है वेबसाइट : www.josaa.nic.in
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