छात्र ने जहां 9वीं कक्षा में पढ़ा है, 10वीं की पढ़ाई भी उसी स्कूल में करे और 11वीं में जहां पढ़ा है, 12वीं कक्षा में भी वहीं पढ़े। यह सीबीएसई का नियम है। लेकिन अब इस नियम में कुछ ढील दी गई है।
इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी। सीबीएसई के मुताबिक, एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में घर बदलने और एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होने पर यह नियम लागू नहीं होगा। बोर्ड ने इस संबंध में स्कूलों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
सीबीएसई ने कई वर्ष पहले यह नियम लागू किया था कि अगर छात्र ने किसी स्कूल से 9वीं पास की है तो उसे 10वीं भी वहीं से पढ़नी होगी। जहां से 11वीं पास की तो 12वीं भी वहीं से करनी होगी। इसके पीछे वजह थी कि छात्रों का पंजीकरण बोर्ड 9वीं और 11वीं कक्षा में कर लेता है।
इससे अगली कक्षा 10वीं और 12वीं भी वहीं से करना जरूरी होता है। इस नियम की वजह से एक ओर तमाम अभिभावक हर साल परेशान रहते थे, वहीं स्कूल भी कई खेल करते आ रहे हैं। कई बार वह पैसा लेकर अवैध रूप से छात्र को पहले अपने यहां से 9वीं या 11वीं का छात्र दिखाते हैं और इसके बाद सीधे 12वीं में दाखिला दे देते हैं।
कई स्कूल ऐसे भी हैं जो कि बिना किसी नियम के सीधे 10वीं या 12वीं में एडमिशन दे देते हैं। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि कुछ विशेष मामलों में अभिभावकों और छात्रों को राहत दी गई है।
मसलन, अगर छात्र का एक मोहल्ले में एडमिशन हैं और उसका परिवार दूसरे मोहल्ले में शिफ्ट हो गया, ऐसे में नए मोहल्ले के स्कूल में दाखिला ट्रांसफर हो जाएगा। इसके अलावा एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होने की सूरत में भी छात्र को यह आजादी रहेगी कि वह वहां के स्कूल में दाखिला ले ले। इसमें सरकारी और प्राइवेट ट्रांसफर भी शामिल है।