केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में होने वाली हर मनमानी की शिकायत पर अब त्वरित सुनवाई और कार्रवाई होगी।
बोर्ड ने देशभर में स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए अब क्षेत्रीय कार्यालयों को भी कार्रवाई का अधिकार दे दिया है। इसके तहत अब रीजनल ऑफिसर न केवल शिकायतों की सुनवाई करेंगे, बल्कि स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करेंगे।
अभी तक सीबीएसई ने जितने भी क्षेत्रीय कार्यालय खोले, उनमें केवल बोर्ड से जुड़े काम ही होते थे।
स्कूलों में होने वाली मनमानी, अभिभावकों का उत्पीड़न, शुल्क वृद्धि जैसे किसी भी मामले में सीधे क्षेत्रीय कार्यालय स्तर से कार्रवाई नहीं होती थी। शिकायतों को क्षेत्रीय अधिकारी के माध्यम से दिल्ली स्थित सीबीएसई कार्यालय भेजा जाता था। लेकिन हाल ही में सीबीएसई के चेयरमैन आरके चतुर्वेदी ने स्कूलों पर शिकंजा कसने और अभिभावकों की परेशानी का त्वरित निदान करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को भी कार्रवाई का अधिकार दे दिया है।
इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। इसके बाद रीजनल ऑफिसर के स्तर से न केवल स्कूलों के खिलाफ सुनवाई की जाएगी, बल्कि कार्रवाई भी की जाएगी। अभिभावक, स्कूल की किसी भी मनमानी पर अपनी शिकायत अब रीजनल ऑफिस में कर सकेंगे। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह के मुताबिक, इस संबंध में निर्णय हुआ है। लेकिन अभी निर्देश प्राप्त होने बाकी हैं। बोर्ड के निर्देशों के तहत रीजनल ऑफिस काम करेगा।
निजी स्कूलों से शुल्क का ब्योरा तलब
हर साल नए सत्र से पहले बेतहाशा शुल्क बढ़ोतरी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सीबीएसई ने देशभर के स्कूलों से शुल्क का ब्योरा मांगा है। इसके तहत पुरानी शुल्क और बढ़ी हुई शुल्क दरों की जानकारी तलब की गई है। जिन स्कूलों ने ब्योरा दिया है, उसका भी विश्लेषण किया जा रहा है। इस संबंध में जल्द ही बोर्ड कोई दिशा-निर्देश जारी करेगा।
दून रीजन में इन स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
सीबीएसई के नए नियम से देहरादून रीजन के 10वीं के 1061 और 12वीं के 1325 स्कूलों पर शिकंजा कसेगा। इसमें उत्तराखंड के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 19 जिलों के सीबीएसई स्कूल भी शामिल हैं।