उन विद्यालयों में दृष्टिबाधित विद्यालयों के शिक्षकों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। ऐसे छात्रों की उत्तर पुस्तिका अलग से बोर्ड के पास भेजनी होगी। दिव्यांग या दृष्टिबाधित छात्रों को विशेषतौर पर कंप्यूटर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वह किसी भी प्रश्न को बड़ा करके देख सके।
विशेष दिव्यांगों को परीक्षाओं में विशेष समय की छूट दी जानी है। तीन घंटे की परीक्षा में 60 मिनट, ढाई घंटे की परीक्षा में 50 मिनट, दो घंटे की परीक्षा में 40 मिनट और डेढ़ घंटे की परीक्षा में 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
- किसी सरकारी अस्पताल, राज्य या केंद्र के अस्पताल में कार्यरत सीएमओ या मेडिकल ऑफिसर की ओर से जारी होने पर।
- नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड, स्पैस्टिक सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी प्रमाणपत्र।
- भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त एनजीओ की ओर से जारी प्रमाणपत्र।