सीबीएसई, देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने सभी स्कूलों से 15 मई तक यह डाटा तलब किया है। उन्हें 9वीं और 11वीं में इस साल फेल होने वाले छात्र का नाम, कक्षा, रजिस्ट्रेशन नंबर, किस विषय में फेल हुआ और रिपीट कर रहा है या टीसी ले ली है, की पूरी जानकारी देनी होगी।
रणबीर सिंह के मुताबिक, ऐसे तमाम बड़े स्कूल भी सामने आए हैं, जिनके फेल छात्रों को दूसरे स्कूल नियम विरुद्ध दाखिला दे रहे हैं। सीबीएसई परीक्षा नियमावली के मुताबिक, अगर किसी स्कूल ने इस तरह नियम विरुद्ध किसी छात्र को पास कर दाखिला दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
20-20 छात्रों के अभिभावक कैसे हो रहे ट्रांसफर?
सीबीएसई की जांच में यह बात भी सामने आई है कि एक-एक स्कूल के 20-20 छात्र सीधे दूसरे शहर के स्कूल में दाखिल हो गए। इसके पीछे वजह बताई गई है पिता का तबादला। सवाल यह है कि एक ही शहर के एक ही स्कूल के 20 अभिभावकों का तबादला कैसे हो सकता है। ऐेसे में उन स्कूलों को भी डाटा देना है, जिनके बच्चों के अभिभावकों का कहीं और तबादला हो गया है।