दुल्हन के हाथ-पैरों को मेहंदी के रंगों से सजाकर होनहार बेटी दीक्षा अपना भविष्य संवार रही है।
सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में 91 फीसदी अंक हासिल करने वाली बेटी पढ़ाई और घर का खर्च चलाने के लिए शादियों में मेहंदी लगाने का काम करती है। उनकी इस सफलता से पूरे परिवार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
मूलत: पिथौरागढ़ निवासी दीक्षा चंद का परिवार बालावाला में निवास करता है। मां रुक्मणी गृहणी हैं जबकि पिता कृष्ण कुमार चंद एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं। पिता की तनख्वाह इतनी कि घर का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है।