प्रबंधन की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा कॉमन एडमिशन टेस्ट(कैट) के ऑनलाइन आयोजन में मार्किंग स्कीम ने अभ्यर्थियों को असमंजस में डाल दिया।
दरअसल, पेपर शुरू होने से पहले कंप्यूटर स्क्रीन पर कुछ और मार्किंग स्कीम नजर आ रही थी जबकि पेपर शुरू होने के बाद यह मार्किंग स्कीम बदल गई। देर शाम तक इस मामले पर आईआईएम की ओर से कोई बयान जारी नहीं हुआ था।
रविवार को राजधानी में तीन केंद्रों(जेबीआईटी, डीबीआईटी और माया इंस्टीट्यूट) में करीब 2500 अभ्यर्थियों ने कैट की परीक्षा दो पालियों में दी। सुबह जैसे ही परीक्षा शुरू हुई अभ्यर्थियों के होश उड़ गए। दरअसल, परीक्षा शुरू होने से पहले जब अभ्यर्थियों ने दिशा निर्देश पढ़े तो उसमें लिखा था कि प्रश्न पत्र 100 सवालों का होगा।
प्रत्येक सही जवाब पर तीन अंक दिए जाएंगे और गलत जवाब देने पर एक अंक काट लिया जाएगा। नौ बजे जैसे ही अभ्यर्थियों ने टाइमर दबाकर ऑनलाइन पेपर शुरू किया तो मार्किंग स्कीम बदल गई। इसमें लिखा था कि हर सही जवाब के लिए एक अंक दिया जाएगा जबकि गलत जवाब देने पर 0.33 अंक काट लिए जाएंगे।
परीक्षा देने वाले विवेक ने बताया कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्होंने 300 अंकों की परीक्षा दी है या 100 अंकों की। आईआईएम ने भी अभी तक इस पर स्थिति साफ नहीं की है। परीक्षा विशेषज्ञ अमित मित्तल ने बताया कि तमाम अभ्यर्थी मार्किंग स्कीम की वजह से असमंजस में हैं।
उन्होंने बताया कि अगर मार्किंग 300 अंकों के पैटर्न पर हुई तो कटऑफ करीब 150 अंक रहेगी और अगर 100 अंकों के पैटर्न पर मार्किंग हुई तो कटऑफ करीब 50 अंक की रहने वाली है। परीक्षा विशेषज्ञ राजीव कुकरेजा ने बताया कि परीक्षा में सवालों का पैटर्न गत वर्ष जैसा ही था। अंग्रेजी के सवाल सरल रहे जबकि मैथ्स के सवाल कुछ मुश्किल रहे।