हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से अब योग में बीएससी, एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई कर सकेंगे। देश के छह केंद्रीय विश्वविद्यालयों को साइंस से जुड़े योग के इन कोर्स के लिए चुना गया है। सरकार का मकसद योग को विज्ञान से जोड़कर जनता तक पहुंचाना है। अभी तक उत्तराखंड में योग के एमए या पीजी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स संचालित हो रहे हैं। अब योग में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की पढ़ाई कर सकेंगे।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके लिए स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान बंगलूरू के कुलपति प्रो. एचआर नागेंद्र की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। यह समिति इन सभी विवि में कोर्स संचालित करने की व्यवस्था बनाने के साथ ही पाठ्यक्रम तैयार करेगी। योग के कोर्स के लिए चुने जाने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में गढ़वाल विवि का नाम भी शामिल है।
मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि, विश्व भारती शांति निकेतन पश्चिमी बंगाल, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल, इंदिरा गांधी नेशनल ट्राईबल यूनिवर्सिटी, मध्य प्रदेश और मणिपुर यूनिवर्सिटी में योग के यह कोर्स चलाए जाएंगे। गढ़वाल विवि में योग के विशेष पाठ्यक्रम संचालित होने के बाद यह कोर्स विवि के संबद्ध कॉलेजों में भी संचालित हो सकेंगे। सरकार इन सभी विश्वविद्यालयों में योग के विभाग स्थापित करेगी।
यह कोर्स होंगे संचालित
कोर्स का नाम अवधि
बीएससी योग तीन से छह साल
एमएससी योग दो से चार साल
पीएचडी योग यूजीसी के नियमानुसार
पीजी डिप्लोमा इन योग एक से दो साल
पीजी डिप्लोमा इन योग थेरेपी एक से दो साल