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कुमाऊं  विवि का 14वां दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने अजीत डोभाल को दी मानद उपाधि

Fri, 18 May 2018 09:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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kumaun university convocation - फोटो : amar ujala
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डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को राज्यपाल डा. केके पॉल ने डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की। साथ ही 46 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 4 को रजत और 4 को कांस्य पदक दिए गए। 21,027 विद्यार्थियों को डिग्रियां और 240 को पीएचडी, एक को डीलिट और दो को डीएससी की उपाधि दी गई। 

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शुक्रवार सुबह दस बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं राज्यपाल डा. केके पाल ने कहा कि मेरे लिए ये गर्व की बात है कि अजीत डोभाल को सम्मानित कर रहा हूं। अजीत डोभाल देश के पहले आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें कीर्तिचक्र मिला है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय ने अपने क्रियाकलापों में नवाचार व संरचनात्मक परिवर्तन कर क्षेत्र में उच्च शिक्षा को एक नई दिशा दी है। विवि को ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे जो क्षेत्र में युवाओं की बेरोजगारी की समस्या का समाधान करें। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। अगर संसाधनों की तलाश की जाए तो रोजगार और पलायन की समस्या हल हो सकती है। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि कुविवि का 14वां दीक्षांत समारोह पारंपरिक भारतीय परिधान में हो रहा है। अब तक विदेशी परिधानों में दीक्षांत समारोह का आयोजन होता रहा है। हमारी इस पहल को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी सराहा है। धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार 50 गरीब मेधावी छात्रों के सपनों को पंख देने के लिए उन्हें मुफ्त आईएएस पीसीएस की कोचिंग करवाएगी। 100 छात्र-छात्राओं को मुफ्त रिसर्च करवाई जाएगी। 
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दीक्षांत समारोह में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि जियोलॉजी विभाग अब डिपार्टमेंट ऑफ अर्थसाइंस बनेगा। इसमें देश भर के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इस बार क्रिमिनोलॉजी, साइबर क्राइम और फॉरेंसिक साइंस के पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की योजना है। इस साल विवि को अंतराष्ट्रीय पेटेंट भी मिला है। विवि ने देश के दस शीर्ष विश्वविद्यालयों में अपना नाम दर्ज करवाया है।  

30 साल में बदल जाएगा विश्व का परिदृश्य : डोभाल 
कुविवि के 14वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने डीएसबी परिसर पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि अगले 30 साल में विश्व का परिदृश्य हर क्षेत्र में पूरी तरह बदल जाएगा। ऐसे में वही युवा सफल होंगे जो खुद को इस परिवर्तन के योग्य बना पाएंगे। सफल व्यक्ति वो होता है जो सफलता को नहीं बल्कि विफलता को सकारात्मक रूप से लेता है और प्रयत्न जारी रखता है। हर विद्यार्थी एक दीपक है। उनका रिश्ता उत्तराखंड से जन्म से है। कुविवि की ओर से मानद उपाधि दिए जाने पर उन्होंने आभार व्यक्त किया। बताया कि एक साल पहले राज्यपाल केके पॉल ने उन्हें मानद उपाधि देने के विषय में बताया था। आज वह उपाधि लेने के लिए विवि के एक विद्यार्थी के रूप में आए हैं। 51 साल पहले वह भी पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद अवसर की तलाश में थे। उन्होंने कहा कि दुनिया ज्ञान का भंडार है। हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। उन्होंने उपाधि व पदक हासिल करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि सीखने का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। सीखने का क्रम अब शुरू हुआ है। 

दो बार रद्द हो चुका था कार्यक्रम 
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यक्रम इससे पहले दो बार रद्द हो गया था। इस बार सिर्फ एक सप्ताह पहले ही डोभाल के आने का कार्यक्रम तय हुआ। ऐसे में तैयारियों के लिए काफी कम समय मिला, लेकिन प्रो. एलएम जोशी, प्रो. ललित तिवारी ने दिन रात मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया। कुविवि के पदक वितरण में भी लड़कियों ने बाजी मार ली। दीक्षांत समारोह में बांटे गए 54 मेडल में से 39 लड़कियों ने अपने नाम किए, जबकि लड़कों को सिर्फ 15 से ही संतोष करना पड़ा। वाइस चांसलर गोल्ड मेडल हो या स्पॉसर्ड मेडल, सभी में लड़कियों की संख्या लड़कों से कहीं ज्यादा रही। जब यह आंकड़ा सामने आया तो सभी स्तब्ध रह गए। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का महत्व उजागर हो रहा है। दीक्षांत समारोह में इस बार हिंदी का काफी बोलबाला रहा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समारोह में हिंदी में बोले। कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल के उद्बोधन का काफी अंश हिंदी में रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत आदि भी हिंदी में बोले।  

कर्नाटक राज्यपाल का फैसला सही : मुख्यमंत्री 
नैनीताल। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में राज्यपाल ने कोई गलत फैसला नहीं दिया है। राज्यपाल 15 दिन का समय दे सकते हैं। यह राज्यपाल का अधिकार है। सरकार बनाने से पहले फ्लोर टेस्ट हमेशा होता है। इसमें नई बात नहीं है। उत्तराखंड से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने की जरूरत है। पिछले दिनों केदारनाथ में महिलाओं से प्रसाद बनवाने का प्रयोग किया गया। अब प्रदेश के कई हिस्सों में इस तरह प्रसाद बनाया जा रहा है। हाईकोर्ट का पुलिस कर्मियों को लेकर आया फैसला सर्वमान्य है। 

दीक्षांत समारोह की मुख्य बातें...
-कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह के इतिहास में पहली बार वेदमंत्रों के साथ अकादमिक शोभा यात्रा निकाली गई। 
-अबकी बार डिग्रीधारकों ने गाउन न पहनकर कुमाऊंनी परिधान पहना था। 
-दीक्षांत समारोह जिस एएन सिंह सभागार के भीतर हो रहा था, उसके प्रवेश द्वार से लेकर चारों ओर कुमाऊंनी लोक चित्रकला की प्रमुख विधा ऐंपण से अतिथियों का स्वागत किया गया। 
-दीक्षांत समारोह तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 10 बजे से शुरू होकर सवा 12 बजे खत्म होना था लेकिन अतिथियों के देर में आने की वजह से कार्यक्रम सवा घंटे देरी पौने ग्यारह बजे से शुरू होकर दोपहर एक बजे खत्म हुआ। 
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-दीक्षांत समारोह में कई संकायों के डिग्रीधारी छात्र-छात्राएं समारोह में नहीं पहुंच सके।  
-नगर में सुबह से ही मौसम खराब बना था जिसकी वजह से अतिथियों को हेलीकाप्टर से आने में विलंब हुआ लेकिन दोपहर में मौसम खुल गया।

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