एम्स एंट्रेंस एग्जाम में उत्तराखंड में टॉपर करने वाले ऋतिक ने अपनी कामियाबी का रास्ता अपनी नाकामी से ही निकाला। जानिए उन्होंने क्या टिप्स दिए...
गत वर्ष नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) और एम्स की प्रवेश परीक्षा में असफल होने के बाद एक साल की कड़ी मेहनत से ऋतिक ने कामयाबी का रास्ता तैयार किया। उन्होंने जिपमर में ऑल इंडिया 41वीं रैंक हासिल करने के बाद अब एम्स में ऑल इंडिया 55वीं रैंक पाई है।
देहरादून के निरंजनपुर अशोका पार्क निवासी एमडीडीए के जेई विनोद कुमार चौहान और सुंदर देवी के छोटे बेटे ऋतिक चौहान ने इस साल सफलता का नया आयाम स्थापित किया है।
ऋतिक ने सेंट ज्यूड्स स्कूल से 94.4 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं करने के बाद गत वर्ष 95.5 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की। इस बीच उन्होंने नीट और एम्स का एग्जाम दिया।
नीट में उन्हें 413 अंक मिले जबकि एम्स में 5300 से ऊपर रैंक आई। लिहाजा, ऋतिक ने एक साल एग्जाम की तैयारी का प्लान बनाया। एक साल की मेहनत के बाद इस साल ऋतिक ने नए रिकॉर्ड कायम किए हैं।