कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद अब कैलकुलेटर मैन देहरादून अा पहुंचा है। जिससे मिलने के लिए स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। दोपहर 12 बजे अमर उजाला की मैन वर्सेस मशीन वर्कशॉप शुरु हो गई। इस दौरान वर्कशॉप में एक्सपर्ट स्कूली बच्चों से रूबरू हुए। सबसे पहले तिमली विद्यापीठ के आशीष डबराल ने एक-एक करके वर्कशॉप में आए एक्सपर्ट के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
जिसके बाद ह्यूमन कैलकुलेटर के नाम से देश दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले भानु प्रकाश ने बच्चों को अपने ह्यूमन कैलकुलेटर बनने की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि बचपन हुए एक एक्सीडेंट ने उन्हें इस बात के लिए इंस्पायर किया। जिसके बाद 2013 में भानु ने अपनी नई पहचान के साथ पहली कांफ्रेंस की। भानु के कहा कि 2014 तक उनके नाम 28 लिम्का बुक रिकॉर्ड दर्ज हो चुके थे। जर्मनी में कांफ्रेंस की तो वहां लोगों ने मेरे काम को काफी सराहा। वहां उम्र नहीं देखी जाती बस आपका टैलेंट देखा जाता है। कहा कि जर्मनी से मुझे और हौसला मिला।
इस दौरान ईको ग्लोबल स्कूल की एक छात्रा माया ने भानु प्रकाश के प्रश्न पूछा। माया ने पूछा कि इंजीनियरिंग और आपके फील्ड में क्या अंतर है। इसके जवाब में भानु प्रकाश ने बच्चों को वर्कशॉप में डेमो देकर दिया। भानु ने बच्चों द्वारा दिए गए नंबरों को एक मिनट से पहले कैलकुलेट करके दिखाया। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों द्वारा दिए गए सभी नंबरों को कैलकुलेटर से पहले ही जोड़कर दिखा दिया। इसके साथ ही भानु ने डेट ऑफ बर्थ से ही बर्थ डे भी बता दिया।
वहीं रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी ने अपने भविष्य की प्लानिंग के बारे में बताया। वह अपने रोबोटिक प्रोग्राम को लेकर एक मैगजीन पब्लिश करने वाले हैं। इसके साथ ही वह एक ऐसा स्ट्रैक्चर तैयार करने में लगे हैं जिसके जरिए वह आसानी से रोबोटिक प्रोग्राम को ऐसे लोगों तक पहुंचा पाएंगे। जिनकी पहुंच से ये काफी दूर है।
इसके बाद भानु ने कहा कि उनका अगला टारगेट दो कैलकुलेशन एक साथ करने का है। जल्द ही वह इसे सबके सामने लाएंगे। ईको ग्लोबल की ही एक और छात्रा लीना ने भानु से पूछा कि उन्हें ह्यूमन कैलकुलेटर कहलाना पसंद है। इसके जवाब में भानु ने कहा हां क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत कोशिश की है। लगातर कोशिश करने के बाद ही यह संभव हो पाया है।
वर्कशॉप में रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी ने बच्चों को रोबोट के बारे में बताया। कहा कि उन्होंने थर्ड क्लास में पहली बार रोबोट बनाया था। बेहद प्रयास के बाद ही मुझे सफलता मिली है। कहा कि अच्छी चीजों का मिस यूज भी होता है इसलिए सोच समझकर आविष्कार करें। 2020 में अगस्त से दिसंबर के बीच में हैकिंग का वर्ल्ड वॉर होगा। जो सितंबर में ज्यादा प्रभावी रहेगा। इसलिए अभी से सचेत रहना चाहिए। हैकर्स से एडल्ट साइट्स सबसे ज्यादा सिक्योर हैं।
वर्कशाप में शहर के 20 से ज्यादा स्कूलों के होनहार छात्र शामिल
manoj chaudhary
रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी और मानव कैलकुलेटर कहे जाने वाले भानु प्रकाश अमर उजाला कार्यालय में रविवार को बच्चों से रूबरू हो रहे हैं। तिमली विद्यापीठ के सहयोग से आयोजित मैन वर्सेस मशीन वर्कशाप में शहर के 20 से ज्यादा स्कूलों के होनहार छात्र शामिल हैं।
रोबोटिक के एक्सपर्ट मनोज चौधरी ने अमेरिका में शिक्षा ली है, उन्होंने गूगल के बिना ड्राइवर की कार के प्रोजेक्ट में भी काम किया है। उनके काम को फोर्ब्स और नेशनल जियोग्राफिक मैगजीन के प्रथम पृष्ठ पर स्थान मिला है। वे हाल ही में प्रतिष्ठित टेडेक्स शो में भी भाग ले चुके हैं।
दूसरे प्रतिभागी होंगे भानु प्रकाश। उन्हें मानव कैलकुलेटर भी कहा जाता है। उनके नाम चार वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा 50 लिम्का बुक रिकॉर्ड दर्ज हैं। हाल ही में उन्होंने सिंगापुर में आयोजित वर्ल्ड एबेकस चैंपियनशिप जीती है। तिमली विद्यापीठ के आशीष डबराल ने बताया कि कार्यक्रम में मनुष्य व आधुनिक मशीनों की उत्कृष्ट प्रतिभा की तुलना की जाएगी। छात्रों को भविष्य की तकनीक की ओर आकर्षित किया जाएगा।
देवीखेत में छात्रों से हुए रूबरू
रोबोट
रोबोटिक एक्सपर्ट मनोज चौधरी और मानव कैलकुलेटर कहे जाने वाले भानु प्रकाश शनिवार को कोटद्वार जिले के देवीखेत में तिमली विद्यापीठ की ओर से आयोजित कार्यशाला में छात्रों से रूबरू हुए। कार्यशाला में तिमली विद्यापीठ और और राजकीय इंटर कॉलेज के 180 छात्रों ने प्रतिभाग किया। भानू प्रकाश ने तीव्र गति से कैलकुलेशन का प्रदर्शन किया और छात्रों को इस प्रतिभा सीखने के गुर सिखाए।
डा. मनोज चौधरी ने रोबोटिक के बारे में बताया और डेमो भी दिया। विद्यापीठ के आशीष डबराल ने बताया कि प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय के छात्रों को निशुल्क रोबोटिक शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। बताया कि मनोज चौधरी और भानु प्रकाश वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छात्रों की क्लास लेंगे।
इस दौरान प्रधानाचार्य सुनीत चौहान, धीरेंद्र खंतवाल, कुलदीप डोभाल, उत्कर्ष कामराड़ा, सचिन डबराल, अरुण नेगी, प्रमोद नेगी, मेहा डबराल, अवनीश डबराल, अशोक घिल्डियाल, करणपाल आदि मौजूद रहे।