मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने डॉक्टरों को जेनेरिक दवा लिखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग का भी फोकस है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने फैसला किया है कि कोई भी डॉक्टर जो भी दवा लिखेगा भले वह जेनेरिक भी हो, उसका भी हिसाब रखा जाए।
इसके लिए बाकायदा रोगी को लिखी गई दवा के तीन पर्चे बनेंगे। इन पर्चों का बाकायदा ऑडिट विशेषज्ञ टीम के माध्यम से कराया जाएगा।
प्रदेश में जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। प्रदेश में कई जगहों पर जेनेरिक दवा केंद्र खुल गए हैं। 100 और जेनेरिक दवा के केंद्र खोलने की तैयारी है। इसके पीछे उद्देश्य रोगियों को सस्ती दवा उपलब्ध कराना है।