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अब डॉक्टर को दवा के साथ रखना होगा हिसाब

Sun, 30 Apr 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,देहरादून
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मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने डॉक्टरों को जेनेरिक दवा लिखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग का भी फोकस है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने फैसला किया है कि कोई भी डॉक्टर जो भी दवा लिखेगा भले वह जेनेरिक भी हो, उसका भी हिसाब रखा जाए।
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इसके लिए बाकायदा रोगी को लिखी गई दवा के तीन पर्चे बनेंगे। इन पर्चों का बाकायदा ऑडिट विशेषज्ञ टीम के माध्यम से कराया जाएगा।

प्रदेश में जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। प्रदेश में कई जगहों पर जेनेरिक दवा केंद्र खुल गए हैं। 100 और जेनेरिक दवा के केंद्र खोलने की तैयारी है। इसके पीछे उद्देश्य रोगियों को सस्ती दवा उपलब्ध कराना है।
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दवा लिखने के बनाने होंगे तीन पर्चे

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अब दवाओं को लेकर पारदर्शिता और रोगी हित में वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए डॉक्टर को दवा लिखने के तीन पर्चे बनाने होंगे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस रावत का कहना है कि जेनेरिक के अलावा किसी रोगी की जिंदगी बचाने के लिए या ब्रांडेड दवा लिखनी अपरिहार्य हो तो भी उस सब का ब्यौरा रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

अब डॉक्टर जो भी दवा लिखेगा, उसके तीन पर्चे बनाए जाएंगे। इसमें एक पर्चा रोगी के पास होगा, दूसरा दवा लिखने वाले डॉक्टर और तीसरा पर्चा अस्पताल की फार्मेसी में जमा होगा। इन पर्चों की एक निश्चित समय बाद विशेषज्ञों के  माध्यम से बाकायदा ऑडिट कराया जाएगा। ऐसे में किन परिस्थितियों कौन सी दवा अंदर की फार्मेसी से बाहर से लिखी गई है, उसका जवाब डाक्टर दे सकें। इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं, अब अस्पताल प्रबंधन को ऐसे त्रिस्तरीय पर्चे छपवाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
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