आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी
कार्यदायी संस्था को बाधा रहित कार्य स्थल उपलब्ध न कराने पर आठ परियोजनाओं के काम में 38 महीने की देरी हुई है। लेकिन अग्रिम राशि का समायोजन नहीं किया गया। काम में देरी के लिए 1.41 करोड़ का दर्थदंड न लगाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया। गलत वित्तीय प्रबंधन के कारण 6.20 करोड़ के ब्याज का नुकसान हुआ है।
130 स्मार्ट पोल में से 27 ही लगे
डीएससीएल ने स्मार्ट पोल परियोजना बनाई थी। इसके तहत शहर में 130 स्मार्ट पोल व 100 किमी तक ओएफसी बिछाने का काम होना था। 2023 तक 27 स्मार्ट पोल व 70 किमी. ओएफसी बिछाई गई।
ई-बसों के संचालन से 11.26 करोड़ का नुकसान
प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में 41.56 करोड़ की इलेक्ट्रिक बस परियोजना शुरू की गई। 2020 में 30 बसों का संचालन शुरू किया गया। योजना की डीपीआर में 2019 से 2026 तक किराए व विज्ञापन से प्राप्त होने वाले राजस्व में 36.99 करोड़ नुकसान का अनुमान लगाया था। मार्च 2023 तक 11.26 करोड़ का नुकसान हुआ है। ई-बसों के संचालन से 3.93 लाख दैनिक राजस्व के सापेक्ष 1.29 लाख की आय हुई है।