हरीश धामी व अनुपमा ने उठाया विशेषाधिकार हनन का मामला
कांग्रेस विधायक हरीश धामी व अनुपमा रावत ने विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने मामले का परीक्षण कर मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपने का निर्णय दिया।
हरीश धामी ने कहा, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के कार्यों की जानकारी मांगी गई। लेकिन जिला प्रशासन ने पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से पत्र भेजा गया। प्रशासन की ओर से विधायकों की ओर से मांगी जानकारी का जवाब देना उचित नहीं समझा गया। वहीं, विधायक अनुपमा रावत ने कहा, हरिद्वार जिले में सरकारी कार्यक्रम व बैठकों की उन्हें कोई सूचना नहीं दी जा रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के मामलों का परीक्षण करा कर विशेषाधिकार समिति को सौंपने का निर्णय दिया।
सदन में गरमाए वन्य जीव हमले, वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन में वन्य जीव हमले के साथ वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे गरमा गए। विपक्ष के साथ ही सत्तापक्ष के विधायकों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को घेरा। विधायकों ने कहा, वन भूमि की अनुमति न मिलने के कारण विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। जिन विकास कार्यों में वन भूमि हस्तांतरित नहीं होनी है, ऐसे मामलों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस का पेच फंसाया जा रहा है।
सदन में भाजपा विधायक खजान दास, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, राम सिंह कैड़ा समेत कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, हरीश धामी, विक्रम सिंह नेगी, अनुपमा रावत ने वन्य जीव हमले, वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मामले को उठाया। विधायक चमोली ने कहा कि नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन जो पुराने रास्ते थे, उन्हें बंद किया गया। मुन्ना चौहान ने कहा, वन भूमि हस्तांतरण के कारण कई विकास कार्य अवरुद्ध हो रहे हैं।
जिन विकास कार्यों में वन भूमि हस्तांतरण नहीं होना है, उसमें भी वन विभाग की ओर से अनुमति मांगी जा रही है। वन अधिनियम में स्पष्ट है कि जब किसी काम से वन भूमि का स्वरूप बदलता है तो ऐसे काम के लिए अनुमति ली जाए। विधायक भरत चौधरी ने कहा, वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं मिल रही है। विधायक आशा नौटियाल ने कहा, पर्यटन स्थल चोपता में देश विदेश से पर्यटक आते हैं। लेकिन वन अधिनियम एक्ट के चलते वहां पर कोई सुविधाएं नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधायकों के सवालों को सही मानते हुए वन मंत्री को वन भूमि हस्तांतरण के मामले में विभागीय अधिकारियों से बैठक कर परीक्षण कराया जाए।