नहीं दिया उत्तर
रिपोर्ट में बताया कि राज्य सरकार ने बताया कि सभी गतिविधियां अनुमोदित वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार की गईं, जो स्वीकार्य नहीं है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और लैंसडौन के प्रकरण में राज्य सरकार ने स्वयं कोई उत्तर नहीं दिया (जुलाई-2023) है और कालागढ़ टाइगर रिजर्व और लैंसडौन प्रभागों के उत्तर को का संलग्न किया है। डीएफओ कालागढ़ ने बताया कि काम तत्कालीन डीएफओ के निर्देशानुसार किए गए। जबकि लैंसडाउन वन प्रभाग डीएफओ ने बताया कि वनाग्नि के विरुद्ध सावधानीपूर्ण उपायों के साथ किए गए।
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पहले भी मनमानी की बात सामने आई
ऐसा नहीं है कि कैंपा की राशि से गड़बड़ी की यह बात पहली बार हो। पहले भी यह बात सामने आ चुकी है। कैग ने वर्ष 2006 से 2012 अवधि का मूल्यांकन किया था। उसमें एनपीवी क्षतिपूरक वनीकरण की कम वसूली प्रकरण सामने आया था। इसमें 212.28 करोड़ की कम वसूली की गई। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के प्लैटिनम जुबली समारोह पर कैंपा निधि से 35 लाख रुपये व्यय किए गए, जिसे वर्ष-2011-12 की वार्षिक कार्ययोजना में अनुमोदित नहीं किया गया था। इसके अलावा अन्य अनियमितता की बात सामने आई थी।
संबंधित प्रकरण मेरे से पहले के समय का है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। - सुबोध उनियाल, वन मंत्री