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कैग की सालाना रिपोर्ट: वन विकास निगम के अफसरों की लापरवाही से 14.28 करोड़ का नुकसान

Mon, 13 Jan 2020 12:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कैग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में सवाल वन विकास निगम के अफसरों पर उठाए सवाल 
  • साल 2013 से लेकर 2018 के बीच आवंटित की गई लाटो का कटान नहीं करा पाए निगम अधिकारी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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वन विकास निगम के अफसरों की लापरवाही से वन विभाग को 14.28 करोड़ रुपये की रायल्टी का नुकसान हो गया। इस लापरवाही पर कैग ने भी सवाल उठाए हैं। कैग की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि वन विभाग की ओर से छह वन प्रभागों में पेड़ों के कटान की अनुमति दी गई थी।

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उत्तराखंड वन विकास निगम ने प्रभागीय वन अधिकारी रामनगर की ओर से 20 लाटो व प्रभागीय वन अधिकारी तराई केंद्रीय की 15 लाटो के कटान की अनुमति 2013 और 2018 के दौरान आवंटित की गई थी, लेकिन उनका कटान नहीं किया गया। लेखा परीक्षा में यह बात सामने आई कि वन विकास निगम ने समय से कटान नही किया गया, जिससे वन विभाग को रायल्टी के तौर पर 14.28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 

रामनगर वन प्रभाग ने वन विकास निगम के अफसरों को इससे अवगत भी कराया लेकिन पेड़ों का कटान नहीं किया गया। दूसरी तरफ  प्रभागीय वन अधिकारी तराई केंद्रीय ने भी उत्तराखंड वन विकास निगम के साथ मामले को उठाया फिर भी पेड़ों का कटान नहीं हो पाया। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक पेड़ों का कटान ना होने से 40957 घनमीटर लकड़ी का उत्पादन नहीं हुआ। जिसकी वजह से 14.28 करोड़ की रॉयल्टी प्राप्त नहीं हो सकी।
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प्रकरण जब शासन के समक्ष उठाया गया तो शासन में बैठे आला अधिकारियों ने जवाब दिया कि तराई केंद्रीय वन प्रभाग की सभी 15 लाटो को 2018- 19 में पुन: वन विकास निगम को कटान के लिए आवंटित कर दिया गया है। वहीं रामनगर वन प्रभाग की 20 लाटो के संबंध में जानकारी दी गई कि एक लाट काटी जा चुकी है जबकि बाकी लाट का कटान किया जा रहा है। वहीं इस संबंध में जब वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक मोनिष मलिक से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। 

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