राज्य मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को फिलहाल स्थगित करते हुए राज्य खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने का निर्णय हुआ।
समाज कल्याण द्वारा संचालित स्कूलों के शिक्षकों को भी सत्रांत लाभ देने के साथ ही ग्रेजुएट स्तर पर दाखिले के लिए भटक रहे छात्रों की इविनिंग क्लास के लिए सात करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी गई।
एक अन्य बड़े फैसले में एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कालेजों को हटाकर श्रीदेव सुमन विवि टिहरी को दे दिया गया है।
एनएफएसए होल्ड, अब राज्य खाद्य सुरक्षा योजना
मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि केंद्र की कुछ कड़ी शर्तों के चलते खाद्य सुरक्षा योजना को स्थगित कर राज्य खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है।
प्रमुख सचिव खाद्य राधा रतूड़ी ने बताया कि केंद्र ने एनएफएसए में केंद्र ने खाद्यान्न देने से मना कर दिया था, यदि सरकार अपने दम पर करती तो सालाना 400 करोड़ रुपए की अतिरिक्त जरूरत होती। इसलिए राज्य खाद्य सुरक्षा योजना लागू होगी।
इस योजना के तहत एपीएल को भी 15 किग्रा राशन (10 किग्रा गेहूं, 05 किग्रा चावल)प्रतिमाह मिलेगा जिसमें 05 रुपए प्रति किलो गेहूं और सात रुपए प्रति चावल दिया जाएगा। यह उन परिवारों के लिए होगा जिनकी आय पांच लाख से कम है।
इसमें गेहूं की दर 6.60 पैसे व चावल 8.45 पैसे प्रति किलो होगी। इस योजना में बीपीएल के लिए 4.15 पैसे प्रति किलो गेहूं और 5.65 पैसे प्रति किलो चावल दिया जाएगा।
सभी कॉलेज अब श्रीदेव सुमन विवि के अधीन
मुख्य सचिव ने बताया कि उच्च शिक्षा के मामले में बड़ा निर्णय लिया गया है। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि श्रीनगर से संबंद्ध सभी राजकीय व अनुदान वाले कॉलेजों को टिहरी स्थित श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध कर दिया गया है।
अब इन कॉलेजों की परीक्षा, मान्यता व अन्य सभी तरह का संचालन श्रीदेव सुमन विवि के हाथ में आ गया है।
कैबिनेट ने विद्यालयी शिक्षा की तर्ज पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 23 स्कूलों के शिक्षकों को भी सत्रांत लाभ देने का निर्णय लिया है।
इवनिंग क्लासेज के लिए सात करोड़
एक बड़े फैसले के तहत दाखिले की समस्या से जूझ रहे छात्रों को भी कुछ राहत दी गई। यूजीसी के मानकों के अनुसार सभी कॉलेजों में इविनिंग क्लासेज शुरू होंगी।
इवनिंग क्लासेज के लिए फैकल्टी व अन्य स्टाफ के लिए सरकार ने सात करोड़ रुपए मंजूर कर दिए है। इस फैसले से दस हजार छात्रों को दाखिला मिल सकेगा।
शेष बीस हजार छात्रों के लिए निजी कॉलेजों में व्यवस्था होगी। सरकार इस मामले में मोहलत मांगने के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाएगी।