जहां एक तरफ उत्तराखंड की कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योजनाओं का खाका खींचते रहे, वहीं भाजपा ने इस बैठक को कांग्रेस की पिकनिक और ड्रामेबाजी करार दिया।
चुड़ियाला के सीएमडी इंटर कॉलेज में अंदर बैठक चल रही थी, लेकिन बाहर किसान, बेरोजगार और प्रतिपक्ष के लोग धरना-प्रदर्शन करते रहे। मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शनकारियों से जूझते हुए पुलिसकर्मियों से जोर आजमाइश और नोकझोंक होती रही। भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट की बैठक को पिकनिक और ड्रामेबाजी करार दिया, साथ ही प्रदर्शन भी किया।
कैबिनेट बैठक के दौरान उत्तराखंड किसान मोर्चा के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए आयोजन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तेज्जुपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। गन्ना भुगतान, मुआवजा और धान खरीद केंद्रों की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए।
सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश में पुलिसकर्मियों से जोर आजमाइश भी होती रही। बाद में मुख्यमंत्री ने मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, धर्मवीर सिंह, मोहम्मद आजम, महकार सिंह आदि किसान नेताओं को आयोजन स्थल में बुलाया। जिससे हंगामा कुछ शांत हुआ।
इसके साथ्ा ही गुस्साए बेरोजगारों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुड़ियाला में कैबिनेट की बैठक को राजनीतिक स्टंट बताया। बेरोजगारों को काबू कर दूर ले जाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।