पिथौरागढ़ डिपो की हरिद्वार जा रही बस मुड़ियानी मंदिर के पास अनियंत्रित होकर रपट गई। बस में 20 यात्री सवार थे। किसी को चोट नहीं लगी। यात्रियों का कहना है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हुई। उधर, चालक- परिचालक सड़क की खराब हात को इसकी वजह बता रहे हैं।
पिथौरागढ़ डिपो की हरिद्वार से पिथौरागढ़ जा रही बस (यूके 07/पीए 2902) शुक्रवार सुबह करीब 10.45 बजे टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंपावत से करीब सात किलोमीटर दूर मुड़ियानी मंदिर के पास अनियंत्रित होकर रपट गई। बस खाई में जाते-जाते बच गई।
यात्रियों को दूसरे वाहनों से भेजा गया
सड़क से उतरकर बस किनारे में अटक गई। बस में सवार टनकपुर मंडी समिति के लिपिक मनमोहन माहरा, लोहाघाट के बची सिंह सहित अन्य यात्रियों ने बताया कि बस की रफ्तार तेज थी।
इस वजह से यह दुर्घटना हुई। वहीं रोडवेज बस के चालक अर्जुन और परिचालक पवन का कहना है कि गति या लापरवाही की वजह से हादसा नहीं हुआ, बल्कि इसका कारण निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की खस्ता हालत है। बाद में यात्रियों को दूसरे वाहनों से भेजा गया।
इससे पूर्व 29 जुलाई को भी रोडवेज की एक बस एनएच में बेलखेत के पास जीप से भिड़ गई थी। जिसमें चार यात्रियों को चोटें आई थीं। इस साल अब तक 25 सड़क दुर्घटनाओं में 34 मुसाफिरों की जान जा चुकी है।