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नौनिहालों की जिंदगी दांव पर लगा रहे बस संचालक

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देहरादून। स्कूलों के प्रबंध तंत्र व निजी बस संचालकों की अनदेखी से नौनिहालों की जिंदगी दांव पर है। अधिकतर स्कूली बसों व वैन में ना तो फर्स्ट एड बॉक्स हैं और ना ही आग लगने की स्थिति में निपटने को लेकर अग्निशमन उपकरण।
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मंगलवार को चलाए गए जांच अभियान में यह बात सामने आयी है। इसके अलावा अधिकतर चालक बिना वर्दी और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाते मिले। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2018 से लेकर जुलाई 2019 तक विभिन्न अभियान में 131 स्कूली वाहन बिना फर्स्ट एड बॉक्स के कारण पकड़े गए। इसके अलावा 86 स्कूली बसों में अग्निशमन उपकरण नहीं पाए गए थे। अभियान में कई चालक शराब के नशे में मिले। 115 चालक बिना वर्दी के पकड़े गए। 52 चालक बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे थे। आठ को मोबाइल पर बात करते पकड़ा गया।
एआरटीओ अरविंद पांडे की मानें तो पिछले डेढ़ साल के दौरान 54 ऐसे वाहनों को पकड़ा गया जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इन गाड़ियों में सुरक्षा जाली के साथ ही अन्य चीजें बच्चों की सुविधा के अनुरूप नहीं मिलीं। 83 वाहन बिना फिटनेस के सड़कों पर फर्राटा भरते पकड़े गए।
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