11 लोगों की अस्थियां हरकी पैड़ी पर गंगा में प्रवाहित की गई
एक जुलाई को दिल्ली के बुराड़ी में एक साथ फांसी पर लटक कर जीवन लीला समाप्त करने वाले एक ही परिवार के 11 लोगों की अस्थियां हरकी पैड़ी पर गंगा में प्रवाहित की गई। मंगलवार को कुशावर्त घाट पर क्रिया और नारायणी का कर्मकांड संपन्न किया गया। मंगलवार को कुशावर्त घाट पर पहले दस पिंड व क्रियाकर्म और बाद में विस्तार से नारायणी कर्म संपन्न कराया गया।
गौरतलब है कि देश में बेहद चर्तित हुए बुराड़ी कांड में एक परिवार के 11 लोगों ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इन लोगों की अस्थियां पहले राजस्थान स्थित उनके पैतृक गांव ले जाई गई। सोमवार को तीन बजे परिवार में एक मात्र जीवित बचे दिनेश सिंह चुंडावत उर्फ भाटिया अपने परिवार के साथ हरिद्वार पहुंचे। वहां कुशावर्त स्थित अपने पुरोहित धीरज वशिष्ठ की गद्दी और परंपरागत बही देखी।
यहां से हरकी पैड़ी जाकर दिनेश सिंह ने अपनी माता नारायणी देवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की। दिनेश सिंह के बेटे प्रशांत सिंह ने चाचा भुवनेश सिंह, चाची सविता भाटिया, चाचा ललित सिंह भाटिया, चाची टीना भटिया, छोटे भाई धीरेंद्र व दुष्यंत सिंह, बहन नीतू व मोनू आदि की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की। हरकी पैड़ी पर पुरोहित सूरज वशिष्ठ ने वैदिक विधान से कर्मकांड संपन्न कराएं।