फाल्गुन मास की पौराणिक नीलकंठ धाम की यात्रा में सोमवार को तीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सुबह से शाम तक नीलकंठ मंदिर और पैदल मार्ग भोले के जयकारों से गुंजायमान रहा।
24 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। फाल्गुन मास का सोमवार होने के चलते शिवभक्तों ने स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला में मोक्षदायिनी तट पर आस्था की डुबकी लगाने के बाद शिवधाम की यात्रा प्रारंभ की। नीलकंठ महादेव मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद तक चलता रहा। इस मौके पर तीर्थनगरी के विभिन्न शिवालयों में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन और जलाभिषेक किया।
नीलकंठ मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। शिवालय में जलाभिषेक के लिए शिवभक्त वाहन और पैदल मार्ग से नीलकंठधाम पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में शिवभक्तों के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं।