फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2022: मोदी के बजट पर उत्तराखंड के सियासी दलों की भी निगाह, दो फरवरी को संसद में होगा पेश

Sun, 30 Jan 2022 12:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सीमित संसाधनों वाला उत्तराखंड राज्य का विकास काफी हद तक केंद्रीय योजनाओं पर निर्भर करता है। सरकार की निगाह नई विकास योजनाओं और चालू योजनाओं में वित्तीय प्रावधान बढ़ने पर होगी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले एक फरवरी को पेश होने जा रहे मोदी सरकार के बजट पर उत्तराखंड के सियासी दलों की भी निगाह लगी है। प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को बजट से काफी उम्मीदें हैं। केंद्रीय बजट पर टकटकी तो प्रदेश सरकार की भी लगी है।

विज्ञापन


सीमित संसाधनों वाला उत्तराखंड राज्य का विकास काफी हद तक केंद्रीय योजनाओं पर निर्भर करता है। सरकार की निगाह नई विकास योजनाओं और चालू योजनाओं में वित्तीय प्रावधान बढ़ने पर होगी। हालांकि भाजपा का चुनाव घोषणापत्र दो फरवरी को आ रहा है, लेकिन पार्टी केंद्रीय बजट से राज्यों को कुछ ऐसा मिलने की उम्मीद कर रही है, जिसका लाभ उत्तराखंड के लोगों को भी होगा। आदर्श चुनाव आचार संहिता के दायरे के बीच केंद्र सरकार ऐसी बजटीय घोषणा को किस चतुराई के साथ कर पाएगी, यह देखना भी दिलचस्प रहेगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद अनिल बलूनी कहते हैं, हम चुनाव से बजट को नहीं जोड़ते। हम बजट से देश के आर्थिक सेहत सुधारने के लिए काम करते हैं। 

लेकिन सियासी जानकार यह उम्मीद कर रहे हैं कि चुनाव से पहले पेश होने जा रहे केंद्रीय बजट में कुछ ऐसा जरूर होगा, जिसका कुछ न कुछ राजनीतिक लाभ सत्तारुढ़ दल लेने की अवश्य कोशिश करेगा। उधर, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल केंद्रीय बजट को लेकर चौकन्ने हैं। वह यह उम्मीद कर रहे हैं कि मोदी सरकार केंद्रीय बजट में कोई भी ऐसी घोषणा नहीं करेगी, जो पांच राज्यों के चुनाव को प्रभावित करने वाला हो। पार्टी प्रदेश संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी कहते हैं, सभी राजनीतिक दल आदर्श चुनाव आचार संहिता से बंधे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र सरकार आम बजट पेश करते हुए संयम और समझ का परिचय देगी और ऐसा कुछ भी नहीं करेगी, जिससे चुनाव की तटस्थता पर कोई आंच आए। 
विज्ञापन


राज्य सरकार की भी लगी है बजट पर टकटकी
उत्तराखंड सरकार की भी केंद्रीय बजट पर टकटकी लगी है। सीमित संसाधनों वाले राज्य को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। उत्तराखंड उन राज्यों में शुमार है जिन्हें जुलाई 2022 के बाद जीएसटी प्रतिपूर्ति खत्म होने से सालाना पांच हजार करोड़ रुपये की आर्थिक हानि होगी। सरकार बजट में जीएसटी प्रतिपूर्तिक को लेकर ऐसी घोषणा की उम्मीद कर रही है जिससे उत्तराखंड को कुछ राहत मिल सके। इसके अलावा चालू केंद्र पोषित योजनाओं में वित्तीय प्रावधान बढ़ने की भी आस है।

राज्य के बजट में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए प्रदेश सरकार हिस्सेदारी में वृद्धि के साथ कुछ नई योजनाएं शुरू होने की उम्मीद भी कर रही है। बागेश्वर टनकपुर रेल योजना के अलावा अवस्थापना कार्यों से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं में भी प्रदेश सरकार बजट से उम्मीद लगाए हुए हैं। सांसद नरेश बंसल कहते हैं, प्रदेश में बहुत से काम चल रहे हैं। पीएम मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। इसलिए बजट में कुछ ऐसी व्यवस्था की उम्मीद की जा सकती है, जो राज्य के बुनियादी ढांचे में विस्तार और एयर कनेक्टिविटी व स्वास्थ्य के ढांचे में सुधार व औद्योगिक विकास को मजबूती देने में मददगार साबित हों।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें