रक्षा बजट में छह फीसदी बढ़ोतरी को जहां कुछ सैन्य विशेषज्ञ सराहनीय कदम बता रहे हैं वहीं कुछ इसे नाकाफी बता रहे हैं। कई का कहना है जिस तरीके से देश के सामने चुनौतियां हैं उस हिसाब से बजट में और बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। हालांकि कुछ विशेषज्ञ पिछले बजट की तुलना में इस साल की गई बढ़ोत्तरी को अच्छी शुरुआत बता रहे हैं।
रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि मोदी सरकार से जो उम्मीद की जा रही थी, उसके मुताबिक रक्षा बजट नहीं बढ़ाया गया है। चीन, अमेरिका जैसे देश आज अपने रक्षा क्षेत्र पर जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। यहां भी इसकी काफी जरूरत है।