कर्मचारी केंद्र सरकार से आयकर की अधिकतम सीमा में दोगुनी बढ़ोत्तरी की उम्मीद कर रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह कर्मचारी समुदाय के लिए एक बड़ी राहत होगी। वर्तमान में जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख से पांच लाख रुपये है, उन पर पांच प्रतिशत आयकर लागू है। पांच लाख रुपये से एक रुपये भी अधिक होने पर आयकर का स्लैब 20 प्रतिशत है, जो बहुत अधिक है। यह अव्यवहारिक है, इसे व्यवहारिक बनाने के लिए केंद्र सरकार को आयकर की सीमा को 10 लाख रुपये तक करने के साथ पहला स्लैब पांच प्रतिशत का रखना चाहिए। - हीरा सिंह बसेड़ा, अनुसचिव, राज्य सचिवालय
आम बजट को लेकर हमारी एक ही उत्सुकता रहेगी कि सरकार ने आयकर की अधिकतम सीमा में इजाफा किया है कि नहीं। आयकर की मौजूदा सीमा से कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं हो रहा है। महंगाई के दौर में वे बहुत ज्यादा बचत भी नहीं कर पा रहे हैं। हजारों रुपये टैक्स में चले जाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को आयकर सीमा को बढ़ाने के साथ यह भी विचार करना है कि उन्हें मिलने वाले भत्तों को इससे बाहर रखा जाए। - दीपक जोशी, अध्यक्ष, उत्तराखंड सचिवालय संघ